बीजेपी का ‘ऑपरेशन पंजाब’ शुरू? राघव चड्ढा और संदीप पाठक बने नया राजनीतिक हथियार,

0

चंडीगढ़, 02 जून्‌ 2026 । पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद रहे राघव चड्ढा और संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे बीजेपी के संभावित “ऑपरेशन पंजाब” से जोड़कर देख रहे हैं। दोनों नेताओं को AAP के पंजाब मॉडल और चुनावी रणनीति का प्रमुख शिल्पकार माना जाता रहा है।

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में लंबे समय तक राज्य में सहयोगी दलों के सहारे अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखने वाली बीजेपी अपने दम पर लड़ने और सत्ता के लिए मजबूत दावेदारी पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। इस रणनीति का सबसे दिलचस्प पहलू आम आदमी पार्टी के उन नेताओं की भूमिका है जिन्होंने कभी पंजाब में पार्टी की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी थी। इस चुनाव में आम आदमी के पूर्व रणनीतिकार संदीप पाठक और राघव चड्ढा अब बीजेपी की पंजाब संबंधी रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की ऐतिहासिक जीत के लिए संगठनात्मक ढांचे, बूथ प्रबंधन, सर्वेक्षण और डेटा आधारित चुनावी रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पंजाब की सामाजिक, राजनीतिक और चुनावी संरचना को लेकर उनके पास गहरी समझ और विस्तृत चुनावी डेटा नेटवर्क मौजूद है। अप्रैल 2026 में राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत कई राज्यसभा सांसदों के AAP छोड़कर भाजपा में शामिल होने को पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया। इस घटनाक्रम को भाजपा के लिए रणनीतिक बढ़त और AAP के लिए बड़ा झटका बताया गया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने, नए सामाजिक समीकरण बनाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए डेटा आधारित चुनावी प्रबंधन पर जोर दे सकती है। ऐसे में राघव चड्ढा और संदीप पाठक का अनुभव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर किसी “ऑपरेशन पंजाब” की घोषणा नहीं की है, लेकिन विपक्षी दल लगातार ऐसे आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर रणनीतिक अभियान चला रही है।

दिलचस्प बात यह है कि AAP पंजाब इकाई ने इन नेताओं के भाजपा में जाने को “राजनीतिक विश्वासघात” करार दिया था, जबकि भाजपा ने इसे अपने नेतृत्व और नीतियों पर बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा वास्तव में पंजाब में नई चुनावी रणनीति के साथ बड़ा दांव खेलती है और क्या राघव चड्ढा तथा संदीप पाठक की राजनीतिक और संगठनात्मक विशेषज्ञता राज्य की राजनीति में नया समीकरण तैयार कर पाती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.