हरियाणा , 01 जून् 2026 । हरियाणा के वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि पुराने VIP या पसंदीदा वाहन नंबरों को नए वाहन पर स्थानांतरित (ट्रांसफर) कराने की प्रक्रिया में अतिरिक्त शुल्क वसूलने का औचित्य नहीं है। इस निर्णय को उन लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्होंने वर्षों पहले विशेष नंबर प्राप्त किए थे और अब उन्हें अपने नए वाहनों पर जारी रखना चाहते हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला उन वाहन मालिकों से जुड़ा था जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत VIP या पसंदीदा नंबर हासिल किए थे। बाद में नंबर परिवर्तन या पुनः आवंटन की स्थिति आने पर उनसे दोबारा शुल्क जमा कराने की मांग की जा रही थी। इस पर अदालत में चुनौती दी गई, जहां यह तर्क दिया गया कि एक बार वैध रूप से शुल्क जमा कर विशेष नंबर प्राप्त कर लेने के बाद उसी सुविधा के लिए दोबारा शुल्क लेना उचित नहीं है।
हाई कोर्ट का क्या कहना है?
अदालत ने अपने फैसले में माना कि यदि वाहन मालिक पहले ही संबंधित VIP नंबर के लिए निर्धारित शुल्क अदा कर चुका है, तो केवल नंबर परिवर्तन या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण उससे दोबारा शुल्क वसूलना न्यायसंगत नहीं होगा। कोर्ट के इस निर्णय के बाद संबंधित विभाग को भी नियमों और प्रक्रियाओं के अनुपालन में आवश्यक कदम उठाने होंगे।
वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो अपने पुराने VIP नंबर को नए वाहन में स्थानांतरित करना चाहते हैं या किसी कारणवश नंबर बदलवाने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।
परिवहन विभाग पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद परिवहन विभाग को VIP नंबरों के आवंटन और स्थानांतरण से जुड़े नियमों की समीक्षा करनी पड़ सकती है। साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों के निपटारे के लिए अधिक स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार किए जा सकते हैं।
यह फैसला हरियाणा में हजारों वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे नागरिकों के हित में लिया गया एक बड़ा न्यायिक निर्णय बताया जा रहा है।