नई दिल्ली, 22 मई 2026 । भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी हिस्सेदारी घटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार बैंक में अपनी 8 प्रतिशत तक हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचने जा रही है। इस कदम को सरकार की विनिवेश नीति और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हिस्सेदारी कम करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है।
इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है।
ऑफर फॉर सेल प्रक्रिया में पहले दिन संस्थागत निवेशक बोली लगा सकेंगे, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए अलग दिन निर्धारित किया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से बैंक में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ेगी और सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी नियमों को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार पहले भी कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हिस्सेदारी कम करने की योजना पर काम कर चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर में सुधार और पूंजी जुटाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिस्सेदारी बिक्री की खबर के बाद शेयर बाजार में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में शामिल है और लंबे समय से बैंकिंग सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अब निवेशकों की नजर इस OFS पर टिकी है कि बाजार से इसे कितना अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है।