हरियाणा में मतदाता सूची अपडेट अभियान शुरू, 15 जून से होगा विशेष पुनरीक्षण; तय तारीख को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट

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चंडीगढ़, 21 मई 2026 । हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने घोषणा की है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्य में 15 जून से वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे और मतदाता विवरण में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। चुनाव आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिन मामलों में ‘गणना प्रपत्र’ (enumeration forms) वापस नहीं किए जाते हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) पड़ोस के निवासियों से पूछताछ करके संभावित कारणों, जैसे “अनुपस्थित”, “स्थान परिवर्तन”, “मृत्यु”, या “दोहराव” (duplicate) की पहचान कर सकते हैं और तदनुसार उन्हें दर्ज कर सकते हैं। BLOs को निर्देश दिया गया है कि जानकारी एकत्र करने के लिए वे ऐसे प्रत्येक घर का कम से कम तीन बार दौरा करें।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में पात्र नागरिक बिना किसी परेशानी के मतदान कर सकें। विशेष पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर सत्यापन और नए आवेदन लेने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि इस दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाता भी अपना नाम सूची में जुड़वा सकेंगे। इसके अलावा जिन लोगों के नाम या पते में त्रुटियां हैं, वे भी सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने विवरण की जांच कर लें और जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

राज्य में विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान का लाभ उठा सकें।

राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि सही और अद्यतन मतदाता सूची चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और इससे चुनावों की पारदर्शिता मजबूत होती है।

फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में चुनाव आयोग और प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।

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