यूपी पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा दांव, OBC आयोग का गठन; रिटायर्ड जज राम अवतार सिंह को मिली जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश , 21 मई 2026 । योगी आदित्यनाथ सरकार ने आगामी पंचायत चुनावों से पहले बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम उठाते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के गठन का ऐलान किया है। सरकार ने आयोग की कमान रिटायर्ड जज राम अवतार सिंह को सौंपी है। इस फैसले को पंचायत चुनावों से पहले सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य में पिछले पंचायत चुनाव साल 2021 में हुए थे और नए चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावाना है। इस आयोग को ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित लोगों के लिए आनुपातिक आरक्षण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके कार्यक्षेत्र में त्रि-स्तरीय पंचायतों के अंदर विभिन्न पदों के लिए आरक्षण के बंटवारे को निर्धारित करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करना शामिल है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार आयोग का मुख्य उद्देश्य पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करना और आवश्यक सुझाव देना होगा। आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की स्थिति, प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था से संबंधित आंकड़ों का अध्ययन करेगा। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में OBC वोट बैंक पंचायत से लेकर विधानसभा चुनाव तक निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में आयोग का गठन चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि वह संवैधानिक प्रावधानों और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से आरक्षण व्यवस्था लागू करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण तय करने के लिए जरूरी आंकड़े और सामाजिक अध्ययन करेगा। इसके अलावा विभिन्न जिलों से सुझाव और आपत्तियां भी ली जा सकती हैं। सरकार का दावा है कि आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करेगा ताकि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
विपक्षी दलों ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि पंचायत चुनावों से ठीक पहले आयोग का गठन चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार सामाजिक न्याय और संवैधानिक व्यवस्था के तहत काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। सभी दल ग्रामीण वोट बैंक को साधने में जुटे हैं। ऐसे में OBC आयोग का गठन आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।