ट्रम्प का बड़ा बयान: “ईरान के खिलाफ हर हाल में जंग जीतेंगे”, बढ़ा वैश्विक तनाव
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन , 13 मई 2026 । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान के खिलाफ संघर्ष में पीछे नहीं हटेगा और “हर हाल में जंग जीतेगा।” उनके इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव और भू-राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के पास हालात संभालने के लिए हर विकल्प मौजूद है। उन्होंने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बातचीत में ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट पर भी चर्चा होगी। हालांकि, व्यापार बैठक का मुख्य मुद्दा रहेगा।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 74 दिनों की जंग में अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। यह रकम सिर्फ हथियारों और सैन्य उपकरणों पर खर्च हुई है। इसमें सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का खर्च शामिल नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कांग्रेस से अतिरिक्त रक्षा बजट की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति बने रहने के लिए अमेरिका को 1.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत है।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर टकराव की स्थिति रही है। ट्रम्प के बयान को अमेरिकी चुनावी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय रणनीति दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान वैश्विक बाजारों, तेल कीमतों और कूटनीतिक संबंधों पर असर डाल सकते हैं। खासतौर पर मध्य पूर्व में किसी भी बड़े सैन्य तनाव का प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।
वहीं Iran की ओर से भी पहले कई बार अमेरिकी बयानों का कड़ा जवाब दिया जा चुका है। दोनों देशों के बीच बयानबाजी का दौर अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चिंता का विषय बनता रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य तनाव बढ़ने की स्थिति में पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
दुनिया के कई देश लगातार कूटनीतिक समाधान और शांति वार्ता पर जोर देते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील करते रहे हैं ताकि किसी बड़े संघर्ष की स्थिति न बने।
ट्रम्प के बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व का संकेत बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे तनाव बढ़ाने वाला बयान मान रहे हैं।