LPG कीमतों में उछाल पर मायावती की चिंता—बढ़ती महंगाई से आम जनता पर दबाव बढ़ने की आशंका
लखनऊ, 02 मई 2026 । रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती गैस कीमतें आम जनता, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। उनका मानना है कि इस तरह की महंगाई सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित करती है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर नकारात्मक असर डालती है।
उन्होंने कहा कि, इस आशंका से लोगों में चिंता बढ़ी है कि जल्द ही रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें भी बढ़ेंगी ।” उन्होंने कहा, ”इसका वास्तविक कारण चाहे अमेरिका-इजरायल का ईरान पर युद्ध हो या अन्य कोई वजह, सरकार ने जिस प्रकार राज्यों के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर खासकर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को काफी हद तक नियंत्रण में रखा, उस नीति को वर्तमान में भी व्यापक जनहित और जनकल्याण के तहत जारी रखना देशहित में होगा।
मायावती ने अपने बयान में सरकार से अपील की कि वह LPG की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और अन्य आर्थिक दबावों से जूझ रही जनता के लिए रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तु का महंगा होना चिंता का विषय है।
LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव छोटे व्यापारियों, रेस्तरां और अन्य सेवा क्षेत्रों पर भी पड़ता है। इससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे महंगाई का दायरा और व्यापक हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और सरकार की सब्सिडी नीति जैसे कई कारक LPG की कीमतों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए संतुलित नीति की जरूरत होती है।
राजनीतिक दृष्टि से यह मुद्दा आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि महंगाई हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। विपक्षी दल इसे लेकर सरकार पर दबाव बना सकते हैं, जबकि सरकार के सामने आम जनता को राहत देने की चुनौती बनी हुई है।
कुल मिलाकर, LPG कीमतों में उछाल को लेकर मायावती की चिंता इस बात का संकेत है कि महंगाई का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है और इसका असर देश के हर वर्ग पर महसूस किया जा रहा है।