लुधियाना , 27 अप्रैल 2026 । पंजाब में अवैध खनन (माइनिंग) को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल (शिरोमणि अकाली दल) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में माइनिंग माफिया सक्रिय है और सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है।
जानकारी के अनुसार आज जो मुद्दा उठाया जा रहा है कि वह दाखा इलाके से संबंधित है। गांव गोरसियन खान मोहम्मद में 8-9 दिन पहले एक घटना घटी जिसमें पुलिस की दखलअंदाजी हुई, मारपीट हुई। मौके पर जमकर झड़प हुई और कई बेगुनाह लोगों पर जुल्म ढाया गया। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस इंसाफ करेगी लेकिन इस माइनिंग के मुद्दे पर मनप्रीत सिंह इयाली का एक बयान तक नहीं आया। दरअसल, इस सारे काले धंधों में उन्होंने खुद जांच की और इस दौरान पाया कि वहां का ठेकेदार कह रहा है कि जो खड्ड से माइनिंग करने के बाद पैसे आते हैं वो हल्का इंचार्ज के पी.ए. को दिए जा रहे हैं।
अकाली दल नेताओं का कहना है कि अवैध खनन के कारण न सिर्फ राज्य को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की मिलीभगत से यह अवैध गतिविधियां जारी हैं।
पार्टी ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। अकाली दल ने इस मुद्दे को जनता से जोड़ते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां पर्यावरण, राजस्व और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।