पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बना रनवे: सुलतानपुर में गूंजेगी फाइटर जेट्स की गर्जना

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उत्तर प्रदेश, 22 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आज एक ऐतिहासिक और रोमांचक दृश्य देखने को मिलेगा। सुलतानपुर जिले में बनी हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स उतरेंगे और उड़ान भरेंगे। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के परियोजना प्रबंधक इमरान ने बताया कि बुधवार (22 अप्रैल) को होने वाले वायुसेना के युद्धाभ्यास कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से की जा रही तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के पूर्वाभ्यास के लिए अपराह्न लगभग डेढ़ बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे स्थित अरवल कीरी करवत गांव के पास बनी हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना के 8 लड़ाकू विमान उतरे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्थानीय लोगों को हवाई पट्टी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। युद्धाभ्यास की इस तैयारी और लड़ाकू विमानों के करतब ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए खासे कौतूहल का विषय रहे और विमानों की झलक के लिए दूर—दूर से लोग पहुंचे। जिला प्रशासन के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि 22 अप्रैल को होने वाला यह कार्यक्रम न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे क्षेत्र की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

इस विशेष अभ्यास में सुखोई Su-30MKI और मिराज 2000 जैसे ताकतवर लड़ाकू विमान शामिल होंगे। इन विमानों की गर्जना से पूरा इलाका गूंज उठेगा और यह नजारा न सिर्फ रोमांचक होगा, बल्कि देश की सैन्य ताकत का प्रदर्शन भी करेगा।

यह अभ्यास इसलिए खास है क्योंकि एक्सप्रेस-वे को इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। युद्ध या आपात स्थिति में जब पारंपरिक एयरबेस उपलब्ध न हों, तब इस तरह की सड़कों को रनवे के रूप में उपयोग करने की रणनीति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास से न केवल पायलटों की दक्षता बढ़ती है, बल्कि देश की रणनीतिक तैयारियों को भी मजबूती मिलती है। यह दर्शाता है कि भारत किसी भी परिस्थिति में अपनी वायु शक्ति का प्रभावी उपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इस आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका गया है और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

यह आयोजन भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर समन्वय का प्रतीक है, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है।

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