नकल पर कड़ा प्रहार: हरियाणा बोर्ड ने कई परीक्षा केंद्रों की परीक्षाएं रद्द कीं, DC का सख्त एक्शन

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पानीपत , 03 अप्रैल 2026 । हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सामने आए सामूहिक नकल के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कई परीक्षा केंद्रों पर बड़े पैमाने पर नकल की पुष्टि होने के बाद जिला उपायुक्त (DC) के निर्देश पर उन केंद्रों की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इस कार्रवाई से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने का संदेश दिया गया है।

दहिया ने कहा कि हमने परीक्षाओं में नकल के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया हुआ है। 10वीं व 12वीं के बच्चों पर किसी तरह का केस दर्ज हो इसके पक्ष में प्रशासन नहीं है लेकिन जो कानून के खिलाफ चलेगा उस पर एक्शन लिया जाएगा। वहीं जो परीक्षा हो चुकी है उनकी उत्तर पुस्तिका चैक की जाएगी या नहीं इस बारे में बोर्ड के अधिकारी फैसला लेंगे। खुलासा होने के बाद 32 विद्यार्थियों पर केस बनाया गया है। वहीं दूसरी परीक्षा के अंदर डाहर में भी अनियमितता पाई गई जिसमें कई शिक्षक और लिपिक बिना किसी पहचान पत्र के ड्यूटी पर पाए गए थे।

प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ केंद्रों पर संगठित तरीके से नकल करवाई जा रही है, जिसमें बाहरी लोगों की भी भूमिका सामने आई। जांच के दौरान उड़नदस्तों और निरीक्षण टीमों ने मौके पर पहुंचकर अनियमितताओं की पुष्टि की, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया।

रद्द की गई परीक्षाओं के लिए अब नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी। संबंधित छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी, ताकि निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि, इस फैसले से उन छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।

इस मामले में परीक्षा केंद्रों के सुपरिटेंडेंट और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन या कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और सख्त की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर CCTV, फ्लाइंग स्क्वॉड और डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जाएगा, ताकि नकल जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

कुल मिलाकर, यह कार्रवाई एक स्पष्ट संकेत है कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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