सरकारी अस्पतालों में नई सख्ती: हर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री अनिवार्य,

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चंडीगढ़ , 03 अप्रैल 2026 । सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए नई सख्ती लागू की गई है। अब हर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसका रिकॉर्ड जिला नागरिक अस्पतालों में व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। महानिदेशक के अनुसार राज्य के जिला नागरिक अस्पतालों में वर्ष 2016 से सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाएं पी.पी.पी. मॉडल के तहत संचालित हो रही हैं। इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज प्रतिदिन उठा रहे हैं। वर्तमान में ये सुविधाएं बी. पी. एल. कार्ड धारकों, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, लावारिस सड़क दुर्घटना पीड़ितों, हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पैंशनरों एवं उनके आश्रितों तथा एच.आई.वी. से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं।

नई व्यवस्था के तहत मरीज के हर विजिट का डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसमें बीमारी का विवरण, पूर्व इलाज, दी गई दवाइयां, टेस्ट रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह शामिल होगी। इससे डॉक्टरों को मरीज की पिछली स्थिति समझने में आसानी होगी और इलाज अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगा।

सरकार का फोकस इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने का भी है, जिससे मरीज का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध हो सके। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि फर्जीवाड़े और रिकॉर्ड गुम होने जैसी समस्याएं भी कम होंगी।

इस पहल का एक बड़ा फायदा यह होगा कि गंभीर और पुरानी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बार-बार अपनी जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, इमरजेंसी की स्थिति में डॉक्टर तुरंत मरीज की मेडिकल हिस्ट्री देखकर सही निर्णय ले सकेंगे।

हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने के लिए अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी उठानी होगी। स्टाफ को प्रशिक्षित करना, डेटा एंट्री की व्यवस्था करना और रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भविष्य में एक मजबूत और आधुनिक हेल्थकेयर सिस्टम की नींव रखेगा, जहां हर मरीज का डेटा सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।

कुल मिलाकर, सरकारी अस्पतालों में लागू यह नई सख्ती मरीजों के लिए बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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