नई दिल्ली, 03 अप्रैल 2026 । केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर राज्य में UCC लागू किया जाता है, तो इसमें आदिवासी (ट्राइबल) समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने असम के गोलपाड़ा में चुनावी सभा में कहा कि राज्य में UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद कोई चार शादी नहीं कर सकेगा। UCC में कांग्रेस आदिवासियों को डराती है कि आप पर भी UCC लगेगी लेकिन आदिवासियों को इससे बाहर रखा जाएगा।
वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में घुसपैठियों के नाम थे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी उनके वोट से जीत चुके हैं। ऐसे में पहले उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
ममता ने दक्षिण दिनाजपुर में चुनावी रैली के दौरान कहा कि बंगाल में अधिकारियों के तबादले इस तरह किए गए, जिससे बाहरी लोगों का राज्य में आना आसान हो सके।
मालदा में दो दिन पहले न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना पर ममता बनर्जी ने AIMIM और ISF को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर उकसाने का आरोप लगाया।
इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया है। वहीं, कुछ संगठनों ने इसे संतुलित कदम बताते हुए समर्थन भी किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UCC जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सभी पक्षों की सहमति और संवाद बेहद जरूरी है, क्योंकि यह सीधे समाज के विभिन्न वर्गों के व्यक्तिगत जीवन और परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
कुल मिलाकर, Assam में UCC को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, और आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीति और समाज दोनों में अहम भूमिका निभा सकता है।