देहरादून, 01 अप्रैल 2026 । किसानों के लिए बनी योजनाओं का दुरुपयोग कर किए गए बड़े फर्जीवाड़े में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बैंक मैनेजर समेत 12 आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई है। यह मामला Kisan Credit Card (KCC) और अन्य कृषि लोन से जुड़ा हुआ है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
मामले के 11 अन्य दोषियों राम सिंह, हरजीत सिंह, दीवान सिंह, हरदत्त सिंह, जसवीर सिंह, बलकार सिंह, पूरन चंद, दीदार सिंह, महेश कुमार, गुरदीप सिंह और सोना सिंह को आईपीसी की धारा 120-बी और 420 के तहत दोषी पाया गया है। अदालत ने इन सभी को एक-एक साल के कठोर कारावास और कुल 30-30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने किसानों के नाम पर फर्जी खाते और दस्तावेज तैयार कर लोन पास करवाए और रकम का दुरुपयोग किया। इस पूरे घोटाले में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत भी उजागर हुई, जिसके चलते बैंकिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाया और गरीब किसानों के हक को नुकसान पहुंचाया। इसी आधार पर सभी दोषियों को सजा सुनाई गई, जिसमें बैंक मैनेजर की भूमिका को भी गंभीर माना गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि Kisan Credit Card जैसी योजनाएं किसानों की आर्थिक मदद के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े से न केवल सिस्टम को नुकसान होता है बल्कि असली लाभार्थियों तक मदद पहुंचने में भी बाधा आती है।
इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।