जालंधर, 26 मार्च 2026 । नशे की बढ़ती समस्या को लेकर सख्त संदेश देते हुए Manish Sisodia ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज को बचाने की व्यापक जंग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखना और समाज में जागरूकता फैलाना भी है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, कैबिनेट मंत्री डा. रवजोत सिंह, विधायक हलका करतारपुर बलकार सिंह, विधायक नकोदर इंदरजीत कौर मान, विधायक टांडा जसबीर सिंह राजा गिल, विधायक होशियारपुर ब्रहम शंकर जिम्पा, विधायक चब्बेवाल डा. ईशांक कुमार, विधायक दसूहा करमबीर सिंह घुम्मन और विधायक बंगा डा. सुखविंदर कुमार सुखी के अलावा जालंधर, कपूरथला, शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर के हलका इंचार्ज तथा भारी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मौजूद थे।
सिसोदिया ने कहा कि नशे की समस्या का समाधान सिर्फ कानून के जरिए संभव नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। परिवार, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और प्रशासन मिलकर ही इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण से ही उन्हें इस दलदल से बचाया जा सकता है।
इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेजों में काउंसलिंग, पुनर्वास केंद्रों की मजबूती और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का फोकस न केवल सप्लाई चेन को तोड़ने पर है, बल्कि डिमांड को कम करने पर भी है, ताकि नशे की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान तभी सफल होते हैं, जब समाज इसमें सक्रिय रूप से शामिल हो। जागरूकता, शिक्षा और पुनर्वास—इन तीन स्तंभों पर आधारित रणनीति ही नशे के खिलाफ इस लड़ाई को मजबूत बना सकती है।