स्ट्रक्चरल इंजीनियरों के लिए बड़ा सुधार: एम्पैनलमेंट प्रक्रिया अब होगी पारदर्शी और तेज़

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देहरादून, 26 मार्च 2026 । सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की एम्पैनलमेंट (Empanelment) प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने का निर्णय लिया है। इस सुधार का उद्देश्य योग्य और अनुभवी इंजीनियरों को सरकारी परियोजनाओं से जोड़ना और चयन प्रक्रिया में देरी व अनियमितताओं को समाप्त करना है।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गयी कि जिन स्ट्रक्चरल इंजीनियरों का पंजीकरण समाप्त हो चुका है, उनके नवीनीकरण/पंजीकरण स्वीकृति मिलने की प्रक्रिया को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किये जाने के निर्देश दिये गये जिससे आवेदक के दस्तावेजों के सत्यापन प्रक्रिया को तेज किया जा सके जिससे कि साभी प्रकार के भवनों के मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा /देरी व जटिलता उत्पन्न न हो। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर आयुक्त आवास डीपी सिंह, चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव सहित शासन-प्रसाशन के वरिष्ठ-अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

नई व्यवस्था के तहत एम्पैनलमेंट प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे आवेदन, दस्तावेज़ सत्यापन और चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और समयबद्ध हो सकेगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि इंजीनियरों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की गुणवत्ता सीधे तौर पर स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की दक्षता पर निर्भर करती है। ऐसे में एक निष्पक्ष और तेज़ एम्पैनलमेंट प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि केवल योग्य पेशेवर ही महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हों। इससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहतर होगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।

इस सुधार के तहत आवेदन की जांच के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए जाएंगे, जिसमें अनुभव, तकनीकी योग्यता और पिछले कार्यों का मूल्यांकन शामिल होगा। साथ ही, चयनित इंजीनियरों की नियमित समीक्षा और प्रदर्शन आकलन की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल इंजीनियरिंग क्षेत्र में पेशेवर मानकों को ऊंचा उठाएगा, बल्कि सरकारी परियोजनाओं के समय पर और सुरक्षित तरीके से पूरा होने में भी मदद करेगा। यह पहल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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