नई दिल्ली, 16 फ़रवरी 2026 । उत्तराखंड में चार अदालत परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ईमेल/फोन कॉल के जरिए मिली इस धमकी के बाद संबंधित जिलों में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को तुरंत सक्रिय कर दिया गया। अदालत परिसरों को एहतियातन खाली कराया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय परिसरों को निशाना बनाते हुए धमकी दी गई। हालांकि जांच पूरी होने तक प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
सुरक्षा और तलाशी अभियान
बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस ने अदालत परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की। संदिग्ध वस्तुओं की जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और कॉल/ईमेल की ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक किसी विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी है।
धमकी संदेश के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी लगाया गया है। आईपी एड्रेस ट्रैकिंग, सर्वर लोकेशन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण के जरिए संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अदालतों में सुनवाई अस्थायी रूप से स्थगित की जा सकती है या सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीमित तरीके से जारी रखी जा सकती है।
चार अदालतों को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को उजागर किया है। फिलहाल जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह वास्तविक खतरा था या शरारती तत्वों की हरकत।