स्पिन का जादू सिर चढ़कर बोला: वरुण चक्रवर्ती बने भारत के हाईएस्ट रेटिंग वाले गेंदबाज़

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नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट के लिए यह गर्व का क्षण है जब मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भारत के हाईएस्ट रेटिंग वाले गेंदबाज़ बन गए हैं। अपनी सटीक लाइन-लेंथ, विविधताओं और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता के दम पर वरुण ने न सिर्फ विपक्षी बल्लेबाज़ों को परेशान किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी शीर्ष स्थान हासिल किया है।

वरुण चक्रवर्ती टी-20 रैंकिंग में 818 रेटिंग पॉइंट्स के साथ भारत के सबसे ज्यादा रेटिंग पाने वाले गेंदबाज बन गए हैं। बुधवार को जारी वनडे रैंकिंग में रोहित शर्मा और विराट कोहली पहले और दूसरे स्थान पर बरकरार हैं।

34 साल के वरुण इस साल सितंबर में पहली बार बॉलर्स रैंकिंग में टॉप पर पहुंचे थे। शानदार फॉर्म में चल रहे वरुण ने हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे मैच में दो विकेट लेकर भारत के लिए टी-20 में 50 विकेट पूरे किए और वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बने।

हालांकि, मेंस T20 इंटरनेशनल में ओवरऑल सबसे ज्यादा रेटिंग का रिकॉर्ड पाकिस्तान के उमर गुल के नाम है, जिन्होंने 865 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए थे।

वरुण 51 विकेट ले चुके वरुण अब तक 32 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 51 विकेट ले चुके हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/17 का रहा है। मौजूदा साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज में भी वे तीन मैचों में 6 विकेट लेकर टॉप विकेट-टेकर बने हुए हैं। बॉलर्स रैंकिंग में भारत को एक और फायदा मिला है, जहां अर्शदीप सिंह चार स्थान की छलांग लगाकर 16वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

अभिषेक शर्मा टॉप टी-20 बैटर बल्लेबाजों की टी-20 रैंकिंग में अभिषेक शर्मा नंबर-1 पर बने हुए हैं। उनके नाम अब 909 रेटिंग पॉइंट्स हैं। वहीं तिलक वर्मा ने दो स्थान की छलांग लगाते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है और उनके 774 रेटिंग पॉइंट्स हो गए हैं।

हाल के मुकाबलों में वरुण ने मिडिल ओवर्स में विपक्षी टीम की रनगति पर लगाम लगाई और अहम मौकों पर विकेट निकालकर मैच का रुख पलट दिया। उनकी इकॉनमी रेट और स्ट्राइक रेट दोनों ही शानदार रहे हैं, जिसने उन्हें रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वरुण आधुनिक टी-20 क्रिकेट के सबसे प्रभावी स्पिनरों में शामिल हो चुके हैं।

टीम इंडिया के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में स्पिन गेंदबाज़ों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। वरुण चक्रवर्ती की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वरुण चक्रवर्ती आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स और सीरीज में इस फॉर्म को कैसे बरकरार रखते हैं। यदि उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा, तो वह भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण की रीढ़ बन सकते हैं।

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