हरियाणा , 27 अक्टूबर 2026 | दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। बेसहारा और घायल पशुओं के लिए गौशाला और एनिमल शेल्टर तैयार कर रहीं जागृति मिश्रा की निर्माणाधीन जगह की चारदीवारी तोड़े जाने के बाद विवाद सामने आया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात के दौरान जागृति भावुक हो गईं और उनके कंधे से लगकर रोने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आर्थिक सहायता देने और मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। इसके बाद राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी उनके पशु कल्याण प्रोजेक्ट के लिए 15 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एनिमल एक्टिविस्ट जागृति मिश्रा ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ नामक एनजीओ के जरिए बेसहारा, घायल और लावारिस पशुओं की देखभाल करती हैं। वह दिल्ली में अपनी जमीन पर लगभग 70 लाख रुपये की लागत से एक एनिमल शेल्टर और मुफ्त अस्पताल का निर्माण कर रही थीं, जिसकी चारदीवारी को कथित तौर पर बिना किसी पूर्व नोटिस के तोड़ दिया गया। इसके बाद जागृति मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से चार दिन पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े एक व्यक्ति ने शेल्टर निर्माण के एवज में उनसे रिश्वत मांगी थी और पैसे देने से इनकार करने पर यह तोड़फोड़ की गई।
आखिर कौन हैं जागृति मिश्रा?
जागृति मिश्रा ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ के माध्यम से बेसहारा, घायल और लावारिस पशुओं की देखभाल से जुड़ी हैं। उनका उद्देश्य पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से वह दिल्ली में गौशाला, एनिमल शेल्टर और मुफ्त पशु अस्पताल तैयार करने की दिशा में काम कर रही थीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस परियोजना के निर्माण के लिए उन्होंने लोगों से आर्थिक सहयोग भी जुटाया था। ऐसे में निर्माण स्थल पर तोड़फोड़ की घटना सामने आने के बाद उन्होंने नुकसान और अपने काम में आई बाधाओं को लेकर चिंता जताई।
CM रेखा गुप्ता से मिलकर भावुक हुईं जागृति मिश्रा
विवाद सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 अक्टूबर को जागृति मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान जागृति भावुक हो गईं और मुख्यमंत्री के कंधे से लगकर रोने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने और जिला प्रशासन को पशु आश्रय स्थापित करने में आवश्यक मदद देने के निर्देश दिए।
स्वाति मालीवाल ने 15 लाख रुपये की मदद का किया ऐलान
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी जागृति मिश्रा के पशु कल्याण अभियान को समर्थन देने की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार, मालीवाल ने 15 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही है। यह राशि पशु अस्पताल, गौशाला और आश्रय स्थल जैसी सुविधाओं को विकसित करने के लिए प्रस्तावित है।
मालीवाल ने जागृति को भरोसा दिलाया कि वह इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क के लिए अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर देने की बात भी कही। हालांकि, घोषित सहायता और राशि जारी होने की प्रक्रिया अलग-अलग चरण हैं।
जूनियर इंजीनियर पर कार्रवाई, जांच के आदेश
मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नगर निगम ने संबंधित जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारी के आचरण की जांच और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई है; मामले में सभी आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
इस मामले में अब तीन प्रमुख पहलुओं पर नजर रहेगी। पहला, निर्माणाधीन शेल्टर को तोड़े जाने की परिस्थितियों और प्रक्रिया की जांच। दूसरा, जागृति मिश्रा को घोषित आर्थिक सहायता और पशु आश्रय स्थापित करने में प्रशासनिक सहयोग। तीसरा, गौशाला और मुफ्त पशु अस्पताल की परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी अनुमति और संसाधनों की व्यवस्था।
रेखा गुप्ता की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता का आश्वासन और स्वाति मालीवाल की ओर से 15 लाख रुपये की मदद की घोषणा से परियोजना को समर्थन मिला है। लेकिन स्थायी पशु आश्रय और अस्पताल तैयार करने के लिए निर्माण, पशु चिकित्सा, दवाओं, भोजन और नियमित देखभाल की व्यवस्था भी जरूरी होगी।