साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई की नई सेल, 7.5×11 फीट की बैरक में रहेगा गैंगस्टर
अहमदाबाद, 27 अक्टूबर 2026 | गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उसे गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती सेंट्रल जेल के विशेष हाई सिक्योरिटी ब्लॉक ‘दो सौ खोली’ यानी ब्लॉक 200 में शिफ्ट किया गया है। इस ब्लॉक में आतंकवाद और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े करीब 200 कैदियों को रखा जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने तथा कैदियों के बीच संपर्क सीमित रखने की व्यवस्था का हिस्सा है। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इस बदलाव की आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, लॉरेंस को अलग रखने और कैदियों की एक-दूसरे की सेल में आवाजाही रोकने के लिए ब्लॉक को चार हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में 50 कैदी हैं। लॉरेंस की सेल करीब 7.5×11 फीट का है। लॉरेंस इस जेल में 10 मई 2023 से बंद है।
लॉरेंस के नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, पिछले दो साल से लॉरेंस का कोई सीधा संपर्क सामने नहीं आया है। साबरमती जेल में बंद होने के बावजूद उसका गिरोह विदेश से संचालित हो रहा है।
18 अक्टूबर को मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने ली थी।
पहले ‘दस खोली’ में बंद था लॉरेंस बिश्नोई
रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई इससे पहले साबरमती जेल के ‘दस खोली’ नामक हाई सिक्योरिटी हिस्से में बंद था। अब उसे ऐसे ब्लॉक में रखे जाने की खबर है, जहां गंभीर मामलों के आरोपी और दोषी कैदी रहते हैं।
‘ब्लॉक 200’ को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। प्रत्येक हिस्से में लगभग 50 कैदियों को रखने की व्यवस्था बताई गई है। इसका उद्देश्य कैदियों की आवाजाही और एक-दूसरे से संपर्क को नियंत्रित करना है।
7.5×11 फीट की सेल में रहेगा गैंगस्टर
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई की सेल का आकार करीब 7.5×11 फीट है। हाई सिक्योरिटी व्यवस्था में कैदियों की गतिविधियों और आपसी संपर्क पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।
इस ब्लॉक में वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी ठहराए गए कैदियों सहित गंभीर अपराधों से जुड़े अन्य कैदियों को भी रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
2023 से साबरमती जेल में बंद है लॉरेंस
लॉरेंस बिश्नोई 10 मई 2023 से साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। उसे गुजरात एटीएस की कार्रवाई के बाद जेल भेजा गया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर उसे जेल परिसर से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगाया, जिसे आगे भी बढ़ाया गया है।
इस व्यवस्था के तहत अन्य राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां उसे अपनी हिरासत में लेकर जेल से बाहर नहीं ले जा सकतीं। पूछताछ के लिए संबंधित कानूनी अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। अदालत में पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जा सकती है।
लॉरेंस बिश्नोई का नाम कई राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों और कथित संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ता रहा है। हालिया रिपोर्टों में उसके गिरोह की गतिविधियों और जेल के बाहर सक्रिय सहयोगियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, किसी वारदात में लॉरेंस या उसके गिरोह की भूमिका का निर्धारण संबंधित जांच और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए। हाई सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किए जाने की खबर के बीच यह भी अहम है कि जेल के भीतर सुरक्षा बढ़ाने से बाहर सक्रिय कथित नेटवर्क पर कितना असर पड़ता है।
फिलहाल मीडिया रिपोर्टों में इस बदलाव को सख्त सुरक्षा व्यवस्था और कैदी की गतिविधियों को नियंत्रित करने से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन शिफ्टिंग के पीछे जेल प्रशासन का आधिकारिक बयान या विस्तृत आदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए इसे लेकर किसी खास घटना को निश्चित वजह बताना उचित नहीं होगा।