चंडीगढ़/अमृतसर, 28 सितंबर 2026 । अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को अमृतसर पहुंचे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब यानी गोल्डन टेंपल में मत्था टेका। उनके साथ 28 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। इसी दौरान स्वर्ण मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाया और स्थिति को संभाला।
जलियांवाला बाग भी गए सर्जियो गोर
सर्जियो गोर ने अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने जलियांवाला बाग और विभाजन संग्रहालय (पार्टीशन म्यूजियम) का भी भ्रमण किया। सर्जियो गोर के दौरे के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार सर्जियो गोर का यह दौरा पंजाब के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिए रखा गया था। सिखों के नॉर्थ अमेरिका के साथ मजबूत सांस्कृतिक और प्रवासी संबंध हैं।
मुख्य गेट के बाहर हुआ प्रदर्शन
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के गोल्डन टेंपल पहुंचने के दौरान मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान और पार्टी कार्यकर्ता जमा हुए।
रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ के नारे लगाए गए। सुरक्षा कर्मियों ने कुछ देर बाद भीड़ को वहां से हटा दिया। घटना मंदिर परिसर के भीतर नहीं, बल्कि मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर हुई थी।
सर्जियो गोर के अमृतसर दौरे से एक दिन पहले शहर के कुछ स्थानों पर अलगाववादी नारों वाली कथित ग्रैफिटी सामने आने की रिपोर्ट थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया था और पुलिस का आरोप था कि दोनों को दीवारों पर नारे लिखने के लिए पैसे दिए गए थे। पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच किए जाने की बात कही थी।
इस घटनाक्रम को देखते हुए अमेरिकी राजदूत के दौरे को लेकर अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
करीब 150 सुरक्षाकर्मी किए गए थे तैनात
अमेरिकी राजदूत के दौरे से पहले अमृतसर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) आरपीएस संधू के अनुसार गोल्डन टेंपल के अंदर और बाहर करीब 150 सिविल और वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य राजदूत और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। प्रदर्शन के दौरान भी सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
सर्जियो गोर के अमृतसर दौरे में सिर्फ गोल्डन टेंपल ही शामिल नहीं था। उन्होंने जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम का भी दौरा किया। रिपोर्टों के मुताबिक यह यात्रा पंजाब के साथ अमेरिकी संपर्क और सांस्कृतिक संबंधों को समझने के लिहाज से रखी गई थी।
अमेरिकी राजदूत ने गोल्डन टेंपल पहुंचकर मत्था टेका और सिख धार्मिक परंपरा के अनुसार सिर ढककर दर्शन किए।
15 साल बाद फिर गोल्डन टेंपल पहुंचे सर्जियो गोर
रिपोर्ट के अनुसार सर्जियो गोर करीब 15 साल बाद दोबारा गोल्डन टेंपल पहुंचे। उन्होंने इस यात्रा को लेकर प्रसन्नता जताई और पवित्र स्थल पर वापस आने को सम्मानजनक अनुभव बताया।
गोर का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और भारत के बीच राजनयिक तथा रणनीतिक संबंधों से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में हैं। अमृतसर यात्रा में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में शामिल किया गया।
अमृतसर दौरे से पहले सर्जियो गोर ने भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास को भी देखा था। रिपोर्टों के अनुसार 25 सितंबर को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित अभ्यास में भारतीय और अमेरिकी सैन्य उपकरणों तथा प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया था।
अमृतसर दौरे के दौरान हुई नारेबाजी को इसी व्यापक यात्रा कार्यक्रम के बीच की एक घटना के रूप में देखा गया है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान किसी बड़ी हिंसक घटना की जानकारी नहीं है।
सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ दौरा
नारेबाजी के बावजूद सर्जियो गोर और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का गोल्डन टेंपल दौरा पूरा हुआ। सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले ही पर्याप्त तैयारी की गई थी।