DUSU चुनाव से पहले बवाल, लाठी-डंडों से भिड़े छात्र

शिक्षक से कथित मारपीट ने बढ़ाई चिंता

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नई दिल्ली, 17  सितंबर 2026। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए प्रचार का आखिरी दिन कई विवादों और झड़पों के कारण सुर्खियों में रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों और कैंपस क्षेत्रों में छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट के आरोप सामने आए। नॉर्थ कैंपस के लॉ सेंटर-1 के बाहर छात्रों के दो गुटों के बीच लाठी-डंडों से झड़प की खबर सामने आई, जिसमें कुछ छात्रों के घायल होने की बात कही गई।

इस घटना को लेकर छात्र संगठनों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं। ABVP ने अपने कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया, जबकि NSUI ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, घटना को लेकर उस समय तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी।

मोती लाल नेहरू कॉलेज में प्रचार के दौरान टीचर के साथ मारपीट का आरोप है। इसके बाद टीचर्स कॉलेज गेट के आगे धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर, श्री अरविंदो कॉलेज में टीचर से बदसलूकी के मामले में DUTA ने पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

DU में छात्र संगठनों के बीच झड़प, लॉ सेंटर-1 में लाठी-डंडे चले

  • लॉ सेंटर-1 में बुधवार शाम ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई।
  • ABVP का कहना है कि NSUI और समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने उनके कुछ कार्यकर्ताओं से मारपीट की, जिनमें 3 के सिर पर चोटें आईं।
  • NSUI ने इससे इनकार करते हुए कहा कि मारपीट उनके साथ हुई। पुलिस के मुताबिक, एक दिन पहले मुखर्जी नगर में झगड़ा हुआ था और बुधवार को पोस्टर फाड़ने को लेकर फिर झड़प हुई। हालांकि, किसी की ओर से शिकायत नहीं मिली है।
  • श्री अरविंदो कॉलेज में क्लास के दौरान एक प्रत्याशी और उनके समर्थक घुस गए। टीचर्स के रोकने पर धक्का-मुक्की, बदसलूकी के आरोप हैं।
  • DUTA ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने, शामिल लोगों की पहचान और जांच की मांग की है। मोतीलाल नेहरू कॉलेज में भी स्टूडेंट्स के दो गुट भिड़ गए।
  • NSUI ने आरोप लगाया कि ABVP ने उसके एक कार्यकर्ता से मारपीट की। शुरुआत नारेबाजी से हुई, जिसके बाद मारपीट की गई।

श्री अरविंदो कॉलेज में भी विवाद

श्री अरविंदो कॉलेज में भी चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षक के साथ कथित अभद्रता और धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रत्याशी और उसके समर्थकों के कक्षा में प्रवेश करने के बाद विवाद हुआ। शिक्षकों की ओर से रोकने पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी की बात सामने आई है।

इन घटनाओं के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनावी माहौल में सुरक्षा और चुनाव आचार-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से कराने की चुनौती है।

18 सितंबर को होगी वोटिंग

DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2026 को होना है। प्रचार समाप्त होने के साथ उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की सार्वजनिक चुनावी गतिविधियों पर रोक लग गई है। विश्वविद्यालय में चुनाव से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की गई हैं।

डूसू चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत प्रमुख पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में हैं। इस बार छात्रावास, छात्र सुरक्षा, कैंपस सुविधाएं, शिक्षा और छात्र कल्याण जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा रहे हैं।

प्रचार के अंतिम दिन सामने आई हिंसा और शिक्षकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं के बाद अब सभी की नजरें मतदान के दिन पर हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन और कैंपस में सुरक्षा बनाए रखना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।

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