आयुष मलिक धर्म परिवर्तन केस में 6 सोशल मीडिया हैंडल पर FIR

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शामली, 17  सितंबर 2026।  शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्म परिवर्तन मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में छह हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि इन सोशल मीडिया अकाउंट्स से यह दावा किया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शामली पुलिस को फटकार लगाई, जबकि पुलिस के अनुसार ऐसा नहीं हुआ था। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक धर्मांतरण प्रकरण एक फिर चर्चा में आ गया है। कोर्ट ने आयुष के दोस्‍त सुल्‍तान की तरफ से दाखिल बंदी प्रत्‍यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए आयुष को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। जज के सामने आयुष ने कहा कि वह चांदनी से शादी करना चाहता है। उसने बगैर किसी दबाव के मुस्लिम धर्म अपनाया था। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार की असहमति और चिंता के आधार पर किसी बालिग की व्‍यक्तिगत स्‍वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। कोर्ट ने आयुष मलिक को अपनी इच्‍छा के अनुसार रहने औश्र जीवन जीने के लिए स्‍वतंत्र कर दिया है।

हाईकोर्ट में क्या हुआ था?

आयुष मलिक के दोस्त बताए जा रहे सुल्तान कारी ने 9 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर 16 सितंबर को आयुष मलिक को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आयुष ने अपनी इच्छा से रहने और आने-जाने की स्वतंत्रता की बात कही। हाईकोर्ट ने उसे अपनी इच्छा के अनुसार रहने की स्वतंत्रता दी।

शामली पुलिस का कहना है कि अदालत ने पुलिस से कोई हलफनामा नहीं मांगा था और पुलिस की ओर से कोई हलफनामा दाखिल भी नहीं किया गया। इसी बिंदु को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को पुलिस ने गलत बताया है।

धर्म परिवर्तन मामले की शुरुआत कैसे हुई?

आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक की शिकायत के बाद जून 2026 में यह मामला सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और परिवार पर दबाव बनाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में आयुष की पत्नी चांदनी कुरैशी और उनके पिता समेत कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। बाद में जुलाई में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।

बाद में आयुष की ओर से सार्वजनिक रूप से यह कहा गया कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है। हाईकोर्ट में भी उसने अपनी स्वतंत्र इच्छा से जीवन जीने की बात कही, जिसके बाद अदालत ने उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए उसे अपनी इच्छा के अनुसार रहने की अनुमति दी।

सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस की नजर

आयुष मलिक मामले में इससे पहले भी सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट को लेकर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। जून में आयुष से जुड़े एक कथित AI-generated वीडियो को लेकर भी एफआईआर दर्ज होने की खबर सामने आई थी। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में भ्रामक और आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री की निगरानी शुरू की थी।

अब छह सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस पोस्ट, अकाउंट्स और उनके जरिए प्रसारित किए गए दावों की जांच कर रही है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।

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