पटना, 17 सितंबर 2026। बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रिश्ते को लेकर एक नया सियासी विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में JDU का BJP में विलय हो सकता है। तेजस्वी ने JDU को BJP की ‘बी टीम’ बताते हुए अपने दावे के पीछे पार्टी के मौजूदा गठबंधन और UCC को लेकर उसके रुख का हवाला दिया। हालांकि, यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक दावा है, किसी घोषित विलय की पुष्टि नहीं।
जदयू का BJP में विलय हो जाएगा: तेजस्वी यादव
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने यह दावा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर जदयू के अस्पष्ट रुख और कुछ महीने पहले नीतीश कुमार द्वारा राज्य में भाजपा नीत सरकार के गठन का रास्ता साफ करने का हवाला देते हुए किया। तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘मैं पहले से कहता रहा हूं कि जदयू अब भाजपा की बी टीम है। आने वाले दिनों में उसका भाजपा में विलय हो जाएगा। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा इस विलय को सहज बनाने में लगे हैं। हमने कहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और वही हुआ।’
UCC को लेकर JDU और BJP के बीच चर्चा
विवाद की पृष्ठभूमि में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता का मुद्दा भी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य बताया है। इसके बाद JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने इस मुद्दे पर अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा था। JDU की ओर से कहा गया कि संवेदनशील मुद्दे पर व्यापक चर्चा जरूरी है।
JDU नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि पार्टी UCC के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और यदि प्रावधान स्वीकार्य हुए तो बिना वजह इसका विरोध नहीं करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निर्णय पर गठबंधन के सहयोगियों से चर्चा की जाएगी।
RJD ने JDU को दिया था गठबंधन का ऑफर
UCC पर बहस के बीच RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने JDU से BJP के साथ गठबंधन छोड़कर महागठबंधन के साथ आने की अपील की थी। उन्होंने JDU को समाजवादी विचारधारा से जुड़ी पार्टी बताते हुए तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नई सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, JDU नेता विजय चौधरी ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी RJD के सुझावों के आधार पर राजनीति नहीं करती।
RJD और JDU इससे पहले भी दो बार बिहार में साथ सरकार चला चुके हैं। 2015 से 2017 और फिर अगस्त 2022 से जनवरी 2024 के बीच दोनों दलों की गठबंधन सरकार रही थी। जनवरी 2024 में JDU ने फिर NDA का रुख किया था।
तेजस्वी ने संजय झा को लेकर भी किया दावा
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का भी जिक्र किया और दावा किया कि वह BJP-JDU के संभावित विलय को आसान बनाने में लगे हैं। यह दावा तेजस्वी यादव की ओर से किया गया है और इसके समर्थन में कोई घोषित विलय योजना या JDU की ओर से ऐसी पुष्टि सामने नहीं आई है।
UCC पर आगे क्या होगा?
फिलहाल UCC को लेकर JDU ने अंतिम रुख कानून के प्रस्तावित प्रावधानों को देखने के बाद तय करने की बात कही है। दूसरी ओर BJP नेतृत्व ने NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य सामने रखा है। ऐसे में बिहार में इस मुद्दे पर NDA के भीतर होने वाली चर्चाओं और JDU के अगले आधिकारिक रुख पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
JDU के BJP में विलय का दावा फिलहाल राजनीतिक बयान के स्तर पर है। इसलिए इस दावे और किसी वास्तविक संगठनात्मक फैसले के बीच अंतर रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में JDU और BJP के आधिकारिक बयानों से ही गठबंधन और UCC को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।