नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गर्ल्स हॉस्टल में खाने को लेकर चल रहा छात्राओं का विरोध प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। छात्राओं की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सहमति बनने के बाद धरना समाप्त किया गया। सबसे अहम फैसला यह है कि अब गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं को खाना परोसने का काम केवल महिला कर्मचारी करेंगी।
लड़के भी धरने पर बैठे
शनिवार रात जामिया स्कूल बॉयज हॉस्टल के स्टूडेंट्स भी वाइस चांसलर ऑफिस के पास धरने पर बैठ गए। बॉयज हॉस्टल के स्टूडेंट्स का आरोप था कि उनके मेस के खाने में छिपकली मिली है। हालांकि, एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद प्रशासन ने बॉयज हॉस्टल के स्टूडेंट्स की मांगें भी मान लीं।
प्रशासन और छात्राओं के बीच बनी सहमति
बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं की प्रमुख मांग को स्वीकार कर लिया। इसके तहत गर्ल्स हॉस्टल में भोजन परोसने के लिए महिला कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी। इससे छात्राओं को उम्मीद है कि भोजन के दौरान उनकी सुविधा और निजता का बेहतर ध्यान रखा जाएगा।
सहमति बनने के बाद छात्राओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया और हॉस्टल में सामान्य गतिविधियां फिर शुरू हो गईं।
केवल महिला कर्मचारी करेंगी सर्विस
इस पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव भोजन परोसने की व्यवस्था को लेकर हुआ है। अब गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं को खाना सर्व करने के लिए महिला कर्मचारियों को लगाया जाएगा। प्रशासन का यह फैसला छात्राओं की मांग के अनुरूप बताया जा रहा है।
हालांकि, भोजन तैयार करने और हॉस्टल की अन्य व्यवस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारियां पहले की तरह जारी रह सकती हैं। मुख्य बदलाव भोजन परोसने की प्रक्रिया में किया गया है।
छात्राओं की मांगों पर प्रशासन का रुख
हॉस्टल से जुड़े मामलों में छात्राओं की सुरक्षा, सुविधा, स्वच्छता और निजता लगातार अहम मुद्दे रहते हैं। जामिया में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन और छात्राओं के बीच संवाद के जरिए समाधान निकाला गया।
धरना खत्म होने से फिलहाल विवाद शांत हो गया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि तय व्यवस्था को नियमित रूप से लागू किया जाए।
जामिया के गर्ल्स हॉस्टल में हुए इस घटनाक्रम ने छात्राओं की रोजमर्रा की सुविधाओं और हॉस्टल प्रशासन के बीच संवाद की अहमियत को सामने रखा है। छात्राओं ने अपनी मांग को लेकर सामूहिक रूप से आवाज उठाई और बातचीत के बाद समाधान तक पहुंचा गया।
अब छात्राओं को उम्मीद है कि महिला कर्मचारियों के जरिए भोजन सर्व करने की व्यवस्था सुचारु रूप से लागू होगी और भविष्य में हॉस्टल से जुड़ी अन्य समस्याओं का भी समय पर समाधान किया जाएगा।