शी जिनपिंग के विरोध में भारत मंडपम् के पास तिब्बती प्रदर्शन

25 से ज्यादा हिरासत में लिए गए

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नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026 । नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विरोध में तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने भारत मंडपम् के पास प्रदर्शन की कोशिश की। पुलिस ने 25 से अधिक तिब्बती प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तिब्बत की आजादी का मुद्दा उठाया।

  • ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान तिब्बत समर्थक संगठनों की ओर से लगातार दूसरे दिन विरोध-प्रदर्शन की कोशिश की गई।
  • इससे पहले शुक्रवार सुबह ‘स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत’ (SFT) के पांच कार्यकर्ताओं ने प्रगति मैदान टनल के खंभों पर चढ़कर तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज फहराया था और शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी की थी।
  • सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों को हिरासत में लिया था। शनिवार रात को एक बार फिर प्रदर्शन की कोशिश होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गईं।
  • खासकर भारत मंडपम, प्रगति मैदान और वीवीआईपी आवाजाही वाले रास्तों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई।

भारत मंडपम् के पास प्रदर्शन की कोशिश

प्रदर्शनकारी भारत मंडपम् के आसपास पहुंचकर चीन और शी जिनपिंग के विरोध में नारे लगाने लगे। उनका उद्देश्य BRICS सम्मेलन के दौरान तिब्बत के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया।

इससे पहले भी प्रगति मैदान टनल के पास तिब्बती प्रदर्शनकारियों द्वारा चीन विरोधी बैनर और पोस्टर लगाने की घटना सामने आई थी। दिल्ली पुलिस ने उस मामले में भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

25 से ज्यादा तिब्बती हिरासत में

ताजा घटना में 25 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ की गई और बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य BRICS सम्मेलन के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना था।

तिब्बत की आजादी को लेकर लगाए नारे

प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन की नीतियों के विरोध में आवाज उठाई। उनका कहना था कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच के दौरान प्रदर्शन करके वे दुनिया का ध्यान तिब्बत के मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

तिब्बती समुदाय लंबे समय से चीन की तिब्बत नीति का विरोध करता रहा है। चीनी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान इस तरह के प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले से कई इलाकों में निगरानी बढ़ाई थी।

मजनू का टीला में भी बढ़ाई गई निगरानी

दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के लोग रहते हैं। जिनपिंग की यात्रा और BRICS सम्मेलन को देखते हुए यहां भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई थी। पुलिस ने तिब्बती समुदाय के प्रमुख लोगों से संपर्क कर प्रदर्शन नहीं करने की अपील की थी।

इसके अलावा दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती।

जिनपिंग के दौरे के दौरान सुरक्षा चुनौती

शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आए थे और उनका दौरा BRICS शिखर सम्मेलन के कारण बेहद महत्वपूर्ण था। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें सीमा पर शांति, व्यापार और दोनों देशों के संबंधों को लेकर चर्चा हुई।

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