नई दिल्ली, 07 सितंबर2026 । भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 18वां BRICS लीडर्स समिट नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होना है। मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम, प्रगति मैदान में होगा। विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
10 मैकेनिकल रोड स्वीपर भी ग्राउंड पर तैनात
NDMC का कहना है कि रात की शिफ्ट में सड़कों पर झाड़ू लगाने के साथ जमा और बिखरा हुआ कूड़ा उठाने, डस्टबिन और ट्रॉलियों को खाली करने का काम किया जा रहा है। NDMC ने प्रमुख बाजारों की सफाई व्यवस्था भी बढ़ा दी है। इन बाजारों में अब सुबह, शाम और रात तीन शिफ्ट में सफाई की जा रही है। मुख्य सड़कों और महत्वपूर्ण मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिक भीड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा न हो, इसके लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी तेज किया गया है। स्वच्छता अभियान में मशीनों का इस्तेमाल भी बढ़ाया गया है।
सड़कों और प्रमुख इलाकों को दिया जा रहा नया लुक
समिट से पहले नई दिल्ली इलाके की प्रमुख सड़कों, गोलचक्करों और महत्वपूर्ण मार्गों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 17 गोलचक्करों और 11 प्रमुख होटलों को सजाया जा रहा है। 41 प्रमुख सड़कों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आवागमन के दौरान व्यवस्था में कोई कमी न रहे।
कचरे पर भी प्रशासन की सख्ती
राजनयिक इलाके और नई दिल्ली के प्रमुख हिस्सों में कूड़े की समस्या को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती के साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी बढ़ाई गई है। हालांकि, हालिया निरीक्षण में कुछ जगहों पर कचरा मिलने की बात भी सामने आई, जिसके बाद सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत बताई गई।
बारिश और प्रदूषण से निपटने की भी तैयारी
समिट के दौरान मौसम को देखते हुए जलभराव से निपटने के लिए अतिरिक्त ड्रेनेज पंप लगाए गए हैं। वहीं हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पांच स्थानों पर मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का उद्देश्य विदेशी मेहमानों के सामने राजधानी की साफ-सुथरी और व्यवस्थित तस्वीर पेश करना है।
ट्रैफिक व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती
विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के काफिले की आवाजाही के चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रित किया जाएगा। मोटरकेड रिहर्सल के दौरान 35 से अधिक सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए। समिट के दौरान भी यात्रियों को ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और जरूरत पड़ने पर मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
11 सितंबर को स्कूल बंद रखने का फैसला
समिट की तैयारियों और संभावित यातायात दबाव को देखते हुए दिल्ली में 11 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
दिल्ली के लिए बड़ी अंतरराष्ट्रीय परीक्षा
BRICS समिट भारत के लिए सिर्फ कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी है। ऐसे में सड़क, सफाई, रोशनी, सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समिट के दौरान दिल्ली की व्यवस्था पर देश-दुनिया की नजर रहेगी।