नई दिल्ली, 07 सितंबर2026 । दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर राहत और बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही करने वाले अधिकारियों को भी नहीं छोड़ा जाएगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कैसे गिरी बिल्डिंग
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह वाकई एक दुखद घटना है जो इमारत के मालिक की लापरवाही की वजह से हुई। यह बहुत पुरानी इमारत थी और बेसमेंट में पानी भरने की वजह से इसके पिलर गिर गए; पूरी इमारत ढह गई। इस इमारत के मामले में पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और मालिक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, आस-पास की दूसरी खतरनाक इमारतों की पहचान करके उन्हें गिराया जाएगा। खास तौर पर, हमने ठीक इसके पीछे वाली इमारत को खाली करवा लिया है और उसे तुरंत गिरा दिया जाएगा।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि इमारत के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि इमारत में किस तरह का निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहा था और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।
आसपास की इमारतों पर भी प्रशासन की नजर
हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की दूसरी इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, हादसे के ठीक पीछे मौजूद एक अन्य इमारत को खाली करा लिया गया है और उसे भी एहतियात के तौर पर गिराने की तैयारी है। अधिकारियों को इलाके में अन्य असुरक्षित ढांचों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
PG और सार्वजनिक भवनों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार PG, स्कूल, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक इस्तेमाल वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर नई नीति तैयार करने की बात कह रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पुरानी इमारतों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन जरूरी किया जा सकता है।
छात्रों की सुरक्षा पर भी फोकस
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में छात्र PG में रहते हैं। हादसे के बाद सरकार ने असुरक्षित PG में छात्रों के रहने पर रोक और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। प्रभावित छात्रों के लिए वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
हादसे ने उठाए कई गंभीर सवाल
इमारत गिरने की घटना ने राजधानी में पुरानी इमारतों, बेसमेंट निर्माण, अनधिकृत बदलाव और भवनों की नियमित सुरक्षा जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि हादसे से पहले इमारत में किस तरह का काम चल रहा था और क्या उससे ढांचे की मजबूती प्रभावित हुई।