फरीदाबाद , 05 सितंबर2026 । फरीदाबाद के ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र में हनीट्रैप और कथित जबरन वसूली का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक महिला को मकान मालिक से एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला अपने परिवार के साथ शिकायतकर्ता के मकान में किराएदार के तौर पर रह रही थी।
अश्लील फोटो-वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल का आरोप
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी किरायेदार महिला ने उसके पति को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया और उनकी फोटो-वीडियो बना लीं। इसके बाद इन्हें सार्वजनिक या वायरल करने की धमकी देकर रकम की मांग शुरू की गई। पुलिस शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने दो लाख रुपये देने के लिए मकान मालिक को सेक्टर-28 स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाया था।
पुलिस ने रेस्टोरेंट में बिछाया जाल
मामले की शिकायत मिलने के बाद ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस टीम ने सेक्टर-28 के रेस्टोरेंट में निगरानी रखी। जैसे ही आरोपी महिला शिकायतकर्ता के पति से एक लाख रुपये लेने पहुंची, पुलिस ने उसे मौके पर पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, महिला के पास से वसूली की रकम बरामद की गई।
परिवार ने पुलिस से ली मदद
मकान मालिक ने कथित ब्लैकमेलिंग की जानकारी अपनी पत्नी को दी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। यह कदम मामले में अहम साबित हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अदालत में पेश किए जाने के बाद महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले भी रकम मांगने का आरोप
मामले से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि ब्लैकमेलिंग का सिलसिला पहले भी चलता रहा और परिवार से बड़ी रकम ली गई। पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है। हालांकि, इन अतिरिक्त आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पांच साल से किराएदार होने की बात
आपकी दी गई जानकारी के मुताबिक महिला करीब पांच साल से किराएदार थी। उपलब्ध ताजा पुलिस रिपोर्टों में महिला और उसके परिवार के किरायेदार होने की पुष्टि मिलती है, लेकिन पांच साल की अवधि सभी रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। इसलिए इस अवधि को पुलिस जांच या शिकायत के आधार पर ही अंतिम तथ्य माना जाना चाहिए।
पुलिस खंगाल रही पूरे मामले की कड़ियां
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ब्लैकमेलिंग में महिला अकेली शामिल थी या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा था। साथ ही फोटो-वीडियो बनाने, रकम मांगने और पहले हुए कथित लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामलों में अक्सर निजी तस्वीरों या वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़ित से पैसे मांगने के आरोप सामने आते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित के लिए डरकर भुगतान करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण होता है।