गुड़गांव, 31 अगस्त 2026 । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों को लगातार तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण आक्रोश बढ़ गया। नाराज कर्मचारियों ने CMO कार्यालय पहुंचकर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
NHM कर्मचारी हरीराज, नीलम, मीनाक्षी सहित अन्य ने बताया कि उन्हें तीन महीने में धरना प्रदर्शन करने के बाद कभी एक महीने का तो कभी दो महीने का वेतन दिया जाता है। ऐसा नहीं है कि विभाग के पास बजट न हो बल्कि बजट होने के बाद भी उनका वेतन रिलीज नहीं किया जाता। हर बार उन्हें इस समस्या के समाधान का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन समाधान कुछ नहीं किया जाता। सिविल सर्जन अकाउंट विभाग पर अपना पल्ला झाड़ देते हैं तो अकाउंट विभाग वाले आला अधिकारियों अथवा अन्य कर्मचारियों पर अपना पल्ला झाड़ देते हैं। ऐसे में उन्हें परेशान हाेना पड़ रहा है। जब भी वह धरना प्रदर्शन करते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को ठप करते हैं तो उन्हें एक सप्ताह तक का समय दे दिया जाता है, लेकिन हालात हर बार जस के तस बने रहते हैं।
वेतन भुगतान में देरी से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अधिकारियों से जल्द से जल्द लंबित वेतन जारी करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से रोजमर्रा के खर्च और परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। NHM के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों और स्वास्थ्य केंद्रों पर दबाव बढ़ने की स्थिति बनी। इससे पहले भी वेतन भुगतान में देरी को लेकर NHM कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के मामले सामने आ चुके हैं।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। अब कर्मचारियों की नजर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है।