पटना/मेरठ , 31 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने यूपी में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। JDU की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मंडल, जिला और विधानसभा स्तर पर संगठन विस्तार के साथ संभावित उम्मीदवारों पर भी मंथन किया गया है।
कार्यकर्ता जिलाध्यक्षों के हाथ मजबूत करें: श्रवण कुमार
मेरठ के खंडोली में आयोजित संगठनात्मक बैठक में बतौर यूपी जदयू प्रभारी शामिल हुए श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने जिलाध्यक्षों के हाथ मजबूत करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे पार्टी की नीतियों, विजन और विचारधारा को उत्तर प्रदेश के जन-जन तक पहुंचाएं ताकि चुनाव से पहले मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
बिहार मॉडल और ऐतिहासिक फैसलों का यूपी में प्रचार
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार सरकार की उपलब्धियों का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लागू किए गए हैं। उन्होंने बिहार में लागू शराबबंदी का उदाहरण देते हुए कहा कि जदयू सरकार ने हमेशा सामाजिक सुधार और जनता के हित को प्राथमिकता दी है, जिसे अब यूपी की जनता के बीच भी ले जाया जाएगा।
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली JDU उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्ताओं से विकास और सुशासन के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने तथा युवा और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। पार्टी की रणनीति बिहार में नीतीश कुमार सरकार के विकास मॉडल को यूपी में भी प्रचारित करने की है।
JDU की तैयारी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब उत्तर प्रदेश में BJP मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि JDU बिहार में NDA की सहयोगी है और यूपी में BJP के साथ गठबंधन होगा या पार्टी अलग चुनाव लड़ेगी, इस पर अंतिम फैसला अभी स्पष्ट नहीं है। पहले JDU की ओर से यूपी की करीब 50 सीटों पर तैयारी की बात सामने आ चुकी है।
अब सवाल यह है कि नीतीश कुमार की पार्टी यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और क्या NDA के भीतर सीट बंटवारे के जरिए JDU को मैदान में उतरने का मौका मिलेगा। फिलहाल पार्टी का जोर संगठन को मजबूत करने और चुनाव से पहले अपना जनाधार बढ़ाने पर है।