चंडीगढ़, 31 अगस्त 2026 । पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और BJP के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले दोनों दलों के छात्र संगठनों ने हाथ मिला लिया है। BJP से जुड़े ABVP और अकाली दल समर्थित SOI ने PUCSC चुनाव में गठबंधन का ऐलान किया है।
क्यों प्रेसिडेंट पद का एसओआई उम्मीदवार नहीं उतार रहा
बता दें कि योग्यता से जुड़े विवाद के कारण एसओआई के उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया था। ऐसे में प्रेसिडेंट पद की दौड़ से बाहर होने के बाद संगठन ने ABVP के उम्मीदवारों के समर्थन का फैसला किया। एसओआई के पास कैंपस में अपना संगठनात्मक नेटवर्क और समर्थकों का आधार है। ऐसे में चुनाव के आखिरी चरण में उसका समर्थन एबीवीपी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर तब, जब प्रेसिडेंट पद पर मुकाबला कड़ा बताया जा रहा है।
एबीवीपी को हो सकता है फायदा
ABVP के लिए SOI का समर्थन ऐसे समय में आया है, जब चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद अब वोटिंग की बारी थी। SOI की ओर से अपने समर्थकों को ABVP के पक्ष में लामबंद करने से चुनावी गणित पर असर पड़ सकता है। बता दें कि पीयू छात्र संघ चुनाव के लिए आज वोटिंग जारी है। शाम को यह साफ हो जाएगा कि ये गठबंधन दोनों छात्र संगठनों के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।
इस समझौते के तहत SOI ने अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है और ABVP उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है। इससे छात्रसंघ चुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। दोनों संगठनों की संयुक्त ताकत चुनावी समीकरणों पर कितना असर डालती है, इसका फैसला मतदान और नतीजों के बाद होगा।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पंजाब में BJP और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर लगातार अटकलें चल रही हैं। दोनों दलों के बीच सीटों और नेतृत्व जैसे मुद्दों पर मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में छात्र संगठनों का साथ आना पंजाब की सियासत में एक अहम राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि इसे सीधे तौर पर विधानसभा गठबंधन की घोषणा नहीं माना जा सकता।