नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026 । दिल्ली में सामने आए कथित मेडिकल घोटाले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए CPA के पूर्व इंचार्ज को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत के इस निर्णय से मामले की जांच में जुटी एजेंसियों को अहम राहत मिली है। आरोपी की ओर से जमानत के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखा।
डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत अर्जी खारिज
सह-आरोपी और DGHS की पूर्व अधिकारी डॉ. वत्सला अग्रवाल की अंतरिम जमानत अर्जी पर उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण फैसला मंगलवार तक टाल दिया गया। डॉ रंगा करीब 54 दिनों से हिरासत में हैं। कोर्ट ने केस की फाइल देखने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उनकी अर्जी खारिज कर दी। करीब 40 दिन से हिरासत में चल रहीं डॉ वत्सला अग्रवाल ने खराब हेल्थ के आधार पर अंतरिम जमानत मांगी है। उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट रमेश गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि 16 अगस्त को एक दिन की रिमांड मिलने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई।