किसान विकास पत्र में 7.5% ब्याज, 9 साल 7 महीने में दोगुना होगा पैसा

0

नई दिल्ली, 03 अक्टूबर 2026 । अगर आप सुरक्षित और सरकारी बचत योजना में निवेश करना चाहते हैं तो किसान विकास पत्र यानी Kisan Vikas Patra (KVP) एक विकल्प है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए सरकार ने KVP की ब्याज दर 7.5% सालाना पर बरकरार रखी है। छोटी बचत योजनाओं की तिमाही समीक्षा के दौरान ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

किसान विकास पत्र स्कीम है क्या?

किसान विकास पत्र भारत सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम है। ये एक तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम यानी FD ही है। इसमें आपको कम से कम ढाई साल यानी 30 महीने के लिए निवेश करना होता है। इसमें ढाई साल का लॉक इन पीरियड रखा गया है। यानी आप इतने साल तक इस स्कीम से पैसा नहीं निकाल सकते।

  • इस योजना में निवेश की गई राशि निश्चित टाइम लिमिट में दोगुनी हो जाती है। अभी इस स्कीम की मैच्योरिटी पीरियड 115 महीने (करीब 9 साल 7 महीने) है।
  • यह अवधि ब्याज दर के अनुसार समय-समय पर बदल सकती है। इसमें निवेश की न्यूनतम राशि 1,000 रुपए है और इसकी कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है।

किसान विकास पत्र में ब्याज दर और रिटर्न कैसे तय होता है?

KVP पर ब्याज दर सरकार हर तिमाही में तय करती है। अभी 7.5% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिल रहा है। चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब है कि हर साल मिलने वाला ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उसी पर ब्याज मिलता है। इसी वजह से तय समय पूरा होने पर निवेश राशि दोगुनी हो जाती है।

KVP पर टैक्स का भी रखें ध्यान

Kisan Vikas Patra पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है। साथ ही, इसमें निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट उपलब्ध नहीं है। इसलिए निवेश का फैसला करते समय ब्याज के साथ टैक्स नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

दूसरी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें

अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में KVP के अलावा PPF पर 7.1%, NSC पर 7.7%, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2%, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.2% और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4% ब्याज दर बरकरार है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.