बिहार के खजाने पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, वेतन-पेंशन में देरी का दावा कर सरकार को घेरा

0

पटना, 11 अगस्त 2026 । बिहार की सियासत में एक बार फिर राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वेतन और पेंशन के भुगतान में देरी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि स्थिति इतनी खराब है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ विधायकों और मंत्रियों तक को समय पर वेतन नहीं मिल रहा। तेजस्वी ने बिहार के खजाने के खाली होने का आरोप लगाते हुए सरकार से वित्तीय स्थिति पर जवाब मांगा है।

सरकारी कर्मचारी चाहे किसी भी विभाग के हों, इतनी बुरी हालत है कि लोगों को वेतन और पेंशन देने वाली स्थिति नहीं रह गई है। इन लोगों ने पूरे तरीके से लूट मचाकर के खजाना खाली कर दिया है।

सम्राट सरकार पर उठाया सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि हमको वेतन मिल रहा है, तो वेतन बंद कर दें। हमको तो पांच छह महीना से वेतन मिलबे नहीं किया था। हम तो आप लोगों के सामने बात को रखे, एमएलए क्या मंत्री लोगों को वेतन नहीं मिल रहा है। ये स्थिति बनी हुई है। सोचो आज वेतन पर चर्चा करनी पड़ रही है। क्या स्थिति है खजाने की। अशोक चौधरी किस हैसियत से कह रहे हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।

विधायक-मंत्रियों को भी नहीं मिल रहा वेतन’

तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान में परेशानी है तो यह गंभीर वित्तीय संकट का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला है और विधायकों तथा मंत्रियों के वेतन में भी देरी की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों के वेतन पर भी चर्चा करनी पड़ रही है, तो राज्य के वित्तीय प्रबंधन की स्थिति कितनी गंभीर होगी।

‘पांच-छह महीने तक नहीं मिला वेतन’

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि उन्हें भी पांच-छह महीने तक वेतन नहीं मिला था। हालांकि, उनका कहना था कि वह अपने व्यक्तिगत वेतन से ज्यादा इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सरकारी कर्मचारियों और अन्य लाभार्थियों को समय पर भुगतान क्यों नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार से वेतन और पेंशन जारी करने की मांग भी की है।

ठेकेदारों के भुगतान का भी उठाया मुद्दा

तेजस्वी ने सिर्फ वेतन-पेंशन का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि सरकारी ठेकेदारों के बकाये भुगतान को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए भी सरकार के पास पर्याप्त पैसा नहीं है। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति राज्य में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की गति पर भी असर डाल सकती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.