पटना, 26 सितंबर 2026 । बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अब सत्तारूढ़ बीजेपी के ही राज्यसभा सांसद शंभु शरण पटेल के बयान से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने बिहार की मौजूदा पुलिसिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में पुलिसिंग पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए अच्छे डीजीपी और मुख्य सचिव की जरूरत भी बताई।
सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में लड़कियों से छेड़खानी और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कुछ मामलों को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पटेल के बयान को उनके व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन और अनुभव के रूप में देखा जाना चाहिए।
बीजेपी सांसद ने सम्राट सरकार के इकबाल पर ही उठा दिए सवाल
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान बीजेपी के राज्यसभा सांसद शंभु शरण पटेल ने कहा कि ‘बिहार में एक अच्छे डीजीपी की जरूरत है, अच्छे मुख्य सचिव की जरूरत है। बिहार में पूरी तरह से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है। अपराधियों में कानून का भय हट गया है, तभी तो इस तरह की घटना हुई है। किसी की भी बेटी हो, आज बिहार में प्रशासन की स्थिति ये है कि मैं बोल नहीं सकता। वहां के एसपी फोन नहीं उठाते हैं। एक लड़की के साथ दुर्घटना घटी और मैंने फोन करने का प्रयास किया। पटना एसएसपी ने उसका जवाब नहीं दिया 12 बजे रात में, अभी तक उसका FIR दर्ज नहीं हुआ, क्या बोलेंगे।’
पटना SSP पर भी उठाया सवाल
शंभु शरण पटेल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि एक लड़की से जुड़ी घटना के बाद उन्होंने रात करीब 12 बजे पटना SSP को फोन करने का प्रयास किया, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मामले में उस समय तक FIR दर्ज नहीं हुई थी। हालांकि, इस संबंध में किसी पुलिस अधिकारी की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया या पूरे मामले की आधिकारिक स्थिति रिपोर्ट में सामने नहीं आई है। इसलिए सांसद के इस दावे को उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बेटियों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
BJP सांसद ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी परिवार की बेटी के साथ घटना होना गंभीर विषय है। उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था को सुधारने को सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बताया।
उनका कहना था कि जनता ने सरकार को काम करने का जनादेश दिया है और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना भी उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है।
शंभु शरण पटेल बिहार से बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं। PRS India के अनुसार वे जुलाई 2022 से राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और बीजेपी से जुड़े हुए हैं।
ऐसे में राज्य की पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को लेकर उनका सार्वजनिक बयान राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इसे सरकार के खिलाफ पार्टी के आधिकारिक रुख के रूप में पेश करने के लिए बीजेपी की ओर से कोई औपचारिक बयान जरूरी होगा।
पहले भी सदन में उठा चुके हैं बिहार से जुड़े मुद्दे
सांसद शंभु शरण पटेल संसद में बिहार से जुड़े कई मुद्दे उठा चुके हैं। PRS India के रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने जुलाई 2026 में बिहार में पुलिस बल के आधुनिकीकरण और आम लोगों को जल्द न्याय से जुड़े सवाल भी संसद में उठाए थे।
इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उनके संसदीय हस्तक्षेप का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, मौजूदा बयान में उन्होंने राज्य की पुलिसिंग व्यवस्था पर सीधे तौर पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
शंभु शरण पटेल के बयान के बाद बिहार में पुलिस व्यवस्था, FIR दर्ज करने की प्रक्रिया, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा बढ़ सकती है। वहीं, उनके आरोपों के संबंध में संबंधित पुलिस अधिकारियों और राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।