स्पोर्ट्स डेस्क, 03 अगस्त 2026 । कॉमनवेल्थ खेलों में भारत ने वर्षों से बॉक्सिंग में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय मुक्केबाजों ने विभिन्न संस्करणों में कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था, अनुभवी कोचिंग और उभरती प्रतिभाओं के दम पर बॉक्सिंग भारत के सबसे सफल खेलों में शामिल हो चुकी है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। वह मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा।
पहली नजर में यह प्रदर्शन बर्मिंघम 2022 के 61 मेडल से कमजोर दिख सकता है, लेकिन आंकड़े अलग कहानी बताते हैं।
इस बार ग्लासगो में सिर्फ 10 खेल शामिल थे, जबकि बर्मिंघम में 19 खेल खेले गए थे। बैडमिंटन, कुश्ती, शूटिंग, हॉकी, टेबल टेनिस और क्रिकेट जैसे खेल ग्लासगो गेम्स का हिस्सा नहीं थे, जिनसे 2022 में भारत को 30 पदक मिले थे।
इसके अलावा भारत ने 210 खिलाड़ियों की जगह सिर्फ 123 खिलाड़ियों का दल भेजा। इनमें से 38 खिलाड़ी मेडल जीतकर लौटे, यानी सक्सेस रेट 31% रहा। बर्मिंघम में यह आंकड़ा 29% था।
इसके विपरीत एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, लेकिन कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हाल के वर्षों में भारतीय एथलीटों ने भाला फेंक, लंबी कूद, ट्रिपल जंप, पैदल चाल और अन्य स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, फिर भी कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से चूकने के उदाहरण भी सामने आए हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बॉक्सिंग में भारत की निरंतर सफलता के पीछे मजबूत प्रतिभा पहचान प्रणाली, राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव प्रमुख कारण हैं। वहीं एथलेटिक्स में भी आधारभूत सुविधाओं, खेल विज्ञान, पोषण और आधुनिक प्रशिक्षण पर लगातार निवेश किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बेहतर परिणामों की उम्मीद है।
भारत का लक्ष्य अब केवल पदकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि एथलेटिक्स जैसे प्रतिस्पर्धी खेलों में भी अधिक स्वर्ण पदक जीतकर वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करना है। खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन और सरकार व खेल संघों के सहयोग से आने वाले वर्षों में एथलेटिक्स में भी भारत की स्वर्णिम सफलता की उम्मीद की जा रही है।