नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026 । जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हुए GenZ प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर विलेन (खलनायक) बने दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर की पहचान हो गई है। वह इंस्पेक्टर नवीन राठी हैं, जो दिल्ली के मंडावली थाने में बतौर ब्रावो तैनात हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें महिला के प्राइवेट पार्ट पर डंडा मारने के चलते अलग-अलग नाम दे दिए गए हैं। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने महिला के साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसके प्राइवेट पार्ट पर डंडे से वार किया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
क्या था मामला
बता दें कि 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर और उसके आसपास कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस-सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले जैसे बल का प्रयोग किया गया था। उसी दौरान का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक इंस्पेक्टर किसी महिला के प्राइवेट पार्ट पर डंडा मारते हुए उन्हें धकेलता हुआ दिख रहा था। शुरुआत में इंस्पेक्टर की पहचान दूसरे नाम से की गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि वह इंस्पेक्टर कोई और था। डंडा मारने वाले इंस्पेक्टर की पहचान नवीन राठी के रूप में हुई, जो मंडावली थाने में तैनात है।
बताया जा रहा है कि आरोपों के बावजूद संबंधित इंस्पेक्टर के खिलाफ अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है और वह अभी भी मंडावली थाने में तैनात है। इस स्थिति को लेकर पीड़िता के परिजनों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों ने निष्पक्ष जांच तथा आरोपी अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना और जांच का निष्कर्ष आना बाकी है।
यह मामला पुलिस जवाबदेही, मानवाधिकार और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर जांच के परिणाम और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर है।