नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026 । जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह बंद किए जाने के सोशल मीडिया पर वायरल दावों को Delhi Police ने भ्रामक और फर्जी करार दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ऐसी पोस्ट और संदेश वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी जानकारी पर विश्वास न करें और अफवाहों को आगे साझा करने से बचें।
दिल्ली पुलिस ने दिया स्पष्टीकरण
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे इन दावों को बृहस्पतिवार को ‘झूठ और भ्रामक’ बताया कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है।
पुलिस ने कहा कि यह जगह अब भी अनुमति लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के लिए उपलब्ध है।
अभी भी नियमों के हिसाब से कर सकते हैं प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही यह अफवाह पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन है कि अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर अब भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए अधिकृत स्थान है। यहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और अदालती आदेश के अनुरूप दिल्ली पुलिस द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार प्रदर्शन किए जा सकते हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से संबंधित व्यवस्थाएं कानून, न्यायालय के आदेशों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती हैं। किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, धरना या सार्वजनिक आयोजन के लिए निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमति की प्रक्रिया लागू रहती है। इसलिए यह दावा कि जंतर-मंतर पर सभी प्रदर्शन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं, सही नहीं है।
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाएं लोगों में भ्रम पैदा कर सकती हैं और कानून-व्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं। ऐसे मामलों में नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। यदि किसी को किसी वायरल पोस्ट या संदेश की सत्यता पर संदेह हो, तो उसकी पुष्टि संबंधित सरकारी एजेंसी या पुलिस के आधिकारिक माध्यमों से करनी चाहिए।
प्रशासन ने यह भी दोहराया कि फर्जी खबरें फैलाने या भ्रामक जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की अपील की है।