चंडीगढ़, 20 जुलाई 2026 । श्रम कानूनों में किए गए नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों को महत्वपूर्ण राहत मिलने जा रही है। नई व्यवस्था के अनुसार, निर्धारित कार्य समय से अधिक काम करने वाले कर्मचारियों को ओवरटाइम के लिए सामान्य वेतन का दोगुना (Double Wages) भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही, आवश्यक सुरक्षा और सुविधाओं के प्रावधानों के साथ महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति भी दी जाएगी।
ड्राफ्ट में सभी संस्थानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों की संख्या के आधार पर रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किया जाएगा। आवेदन के सात दिनों के भीतर यदि रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी नहीं होता है, तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। नए नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। एक दिन में आराम सहित कुल कार्य अवधि 12 घंटे से अधिक नहीं होगी। लगातार 5 घंटे काम कराने के बाद कम से कम 30 मिनट का विश्राम देना अनिवार्य होगा। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से अधिक काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का भुगतान सामान्य वेतन की दोगुनी दर से किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य उद्योगों और सेवा क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप श्रम व्यवस्था को अधिक लचीला बनाना है। हालांकि, महिला कर्मचारियों को रात की शिफ्ट में नियुक्त करने के लिए नियोक्ताओं को सुरक्षा, परिवहन, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, महिला सुरक्षा कर्मियों और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। इन मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
ओवरटाइम से जुड़े प्रावधानों के तहत, यदि कोई कर्मचारी निर्धारित कार्य अवधि से अधिक समय तक कार्य करता है, तो उसे अतिरिक्त समय के लिए दोगुनी दर से भुगतान मिलेगा। इससे कर्मचारियों के श्रम का उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित होगा और कार्यस्थलों पर श्रमिक अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रावधानों से उद्योगों को 24×7 संचालन में सुविधा मिलेगी, वहीं महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही, ओवरटाइम के बेहतर भुगतान से कर्मचारियों की आय में वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, सभी संस्थानों को संबंधित श्रम कानूनों और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।