तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन, 20 जुलाई 2026 । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने खार्ग आइलैंड को लेकर कड़ा बयान दिया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर कब्जे या सैन्य कार्रवाई की कोशिश की, तो इसका गंभीर जवाब दिया जाएगा। ईरान ने कहा कि वह किसी भी संभावित हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार है।
खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत के तट से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है और रणनीतिक रूप से देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिसंपत्तियों में गिना जाता है।
खार्ग आइलैंड ईरान के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह द्वीप ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है। ऐसे में इस क्षेत्र पर किसी भी सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
ईरानी पक्ष ने अमेरिकी सैनिकों को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। ईरान का दावा है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वह हर जरूरी कदम उठाएगा।
वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ओर से ईरान की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से मध्य-पूर्व में सैन्य टकराव की आशंका को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खार्ग आइलैंड या होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा पर ही नहीं बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति, शिपिंग और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।