गुरुग्राम में नकली ब्लड प्रेशर दवाओं का बड़ा रैकेट बेनकाब

छापेमारी में भारी मात्रा में फर्जी दवाएं बरामद

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गुरुग्राम , 20  जुलाई 2026 । हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) में स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए नकली ब्लड प्रेशर (हाईपरटेंशन) की दवाओं के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध और फर्जी दवाएं, पैकेजिंग सामग्री तथा दवा निर्माण और सप्लाई से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इन दवाओं की आपूर्ति विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही थी।

नकली Telma-AM की 178 स्ट्रिप बरामद

दरअसल एफडीए अधिकारियों को सूचना मिली थी कि गुड़गांव में ब्लड प्रेशर की नकली दवाइयों की बिक्री की जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान टीम ने सप्लाई चेन की पड़ताल की, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए। दवाई की पैकेजिंग तो ओरिजिनल जैसी थी, मगर प्रिंटिंग और फॉन्ट असली जैसा नहीं था। कई जगह ओवर प्रिंटिंग भी पकड़ी गई। क्यूआर कोड भी असली दवा के स्ट्रिप जैसा नहीं था। कार्रवाई के दौरान 178 स्ट्रिप नकली दवा बरामद की गई है।

जांच के दौरान पैकेजिंग पर निर्माता के रूप में ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) का नाम दर्ज था लेकिन कंपनी द्वारा मूल उत्पाद से मिलान करने पर कई गंभीर खामियां सामने आई। बैच नंबर समान होने के बावजूद पैकेजिंग, प्रिंटिंग, फॉन्ट, वॉटरमार्क, चेतावनी संदेश, क्यूआर कोड और ओवरप्रिंटिंग में अंतर पाया गया। एफडीए ने दवा को नियमों के तहत नकली दवा घोषित कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। बरामद दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, दवाएं कहां तैयार की जा रही थीं और किन राज्यों या बाजारों तक इनकी सप्लाई की जा रही थी।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि नकली दवाएं मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकती हैं, क्योंकि इनमें आवश्यक सक्रिय औषधीय तत्व (Active Ingredients) सही मात्रा में नहीं होते या पूरी तरह अनुपस्थित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम (Drugs and Cosmetics Act) सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें, बिल अवश्य लें और किसी भी संदिग्ध दवा या पैकेजिंग की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अधिकारियों को दें। मामले की जांच जारी है और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

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