बिहार में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित फैक्ट्रियों पर सख्ती, सरकार ने चेताया—अब लगेगा भारी जुर्माना

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पटना, 20  जुलाई 2026 । बिहार सरकार ने राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य अवैध रूप से चल रहे उद्योगों को नियामकीय दायरे में लाना, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और औद्योगिक गतिविधियों को व्यवस्थित बनाना है। अब गली-मोहल्लों या आवासीय क्षेत्रों में बिना आवश्यक पंजीकरण और अनुमति के संचालित फैक्ट्रियां पकड़े जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रजिस्ट्रेशन के नियम-कायदे जान लीजिए

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता नियमावली 2026 बनाई गई है। खुदरा या थोक विक्रेताओं का कारोबार करने वालों पर यह नियम लागू होगा। पहले से कारोबार करने वालों ने अगर पंजीकरण नहीं कराया है या नए कारोबार शुरू कर रहे हैं तो उनको अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

श्रम संसाधन विभाग और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यदि कोई फैक्ट्री बिना वैध रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस या निर्धारित सुरक्षा मानकों के संचालन करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार भारी आर्थिक जुर्माना, कानूनी कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर संचालन बंद कराने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का कहना है कि सभी छोटे और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इससे श्रमिकों को कानूनी सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ और कार्यस्थल पर बेहतर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही सरकार को उद्योगों का सही रिकॉर्ड रखने और नियामकीय निगरानी मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

प्रशासन ने फैक्ट्री संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते सभी आवश्यक रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर लें। सरकार का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, जबकि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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