कुरुक्षेत्र , 18 जुलाई 2026 । NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री का हरियाणा के कुरुक्षेत्र दौरा राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। दौरे के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ करीब छह घंटे तक बैठक की। इस मुलाकात के बाद विभिन्न तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जाने लगीं, हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
भद्रकाली मंदिर में की पूजा-अर्चना
धर्मेंद्र प्रधान ने हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में मन्नत पूरी होने पर चांदी के घोड़े अर्पित किए। उन्होंने गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने उन्हें चुनरी और प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद दिया। उनकी पत्नी मृदुला प्रधान ने भी मंदिर में अलग से पूजा की और कुछ समय तक माला जपते हुए प्रार्थना की।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान शिक्षा, संगठनात्मक विषयों और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से परहेज किया और बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। इससे बैठक को लेकर चर्चाओं का दौर और तेज हो गया।
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब NEET परीक्षा को लेकर देशभर में बहस जारी है। विपक्ष परीक्षा प्रणाली, पारदर्शिता और प्रबंधन को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार लगातार यह कह रही है कि परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा मंत्री की यह यात्रा और RSS के साथ हुई लंबी बैठक को अलग-अलग नजरियों से देखा जा रहा है। हालांकि, जब तक बैठक के विषय में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इसके उद्देश्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।