भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दो चश्मदीदों के बयान दर्ज, प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार

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पटना, 16  जुलाई 2026 । बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच के दौरान दो प्रत्यक्षदर्शियों (चश्मदीदों) के बयान दर्ज किए गए हैं। दोनों गवाहों ने दावा किया है कि उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा। स्थानीय बोली में दिए गए एक बयान में एक गवाह ने कहा, “तीन गो गोली मारल रहिल, हम आपन आंखन देखल”, यानी उसने तीन गोलियां चलती हुई अपनी आंखों से देखने का दावा किया है।

पुलिस वालों को भरत तिवारी को तीन गोली मारते हुए देखा: चंद्रावती

महिला चंद्रावती देवी ने बताया कि पुलिस वालों को भरत तिवारी को तीन गोली मारते हुए खुद देखा था। उन्होंने कहा- ‘हथियार फेंकने के बाद पुलिस वालों ने तीन गो गोली मार रहिए, एक गोड में दुई गोली, एक में एक गोली। फिर कांधे पर हाथ रख भरत को गाड़ी में धकेल दिया।’

उषा देवी ने भी कही तीन गोली मारने की बात

महिला उषा देवी बयान दर्ज कराने के बाद निकलीं तो पत्रकारों ने उनसे अंदर क्या बताया? इसे लेकर सवाल किया। इस पर उषा देवी ने बताया कि उन्होंने जांच आयोग के अधिकारी के सामने उस दिन जो हुआ, उसके बारे में बताया। भरत तिवारी ने कुछ मांगें रखी थीं। पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें पूरा करने की बात कही तो भरत ने अपनी पिस्तौल फेंक दी थी। इसके बाद ही पुलिस ने उन्हें तीन गोलियां मार दीं। फिर भरत तिवारी को गाड़ी में डालकर ले गए।

जांच एजेंसियों ने दोनों चश्मदीदों के बयान को रिकॉर्ड कर लिया है और अब उनके दावों का अन्य उपलब्ध साक्ष्यों, घटनास्थल की परिस्थितियों, फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य गवाहों के बयानों से मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

भरत तिवारी एनकाउंटर पहले से ही राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ है। ऐसे में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, केवल गवाहों के बयान के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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