तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन , 14 जुलाई 2026 । भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताते हुए स्पष्ट कहा है कि नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जाना तुरंत बंद होना चाहिए। हालिया हमलों में भारतीय नाविकों के हताहत होने और घायल होने के बाद भारत ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, हमले का शिकार बने दोनों जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 10 घायल हुए हैं। भारत ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
भारत ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव चिंता का विषय है। उसने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और व्यापार हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। भारत ने संबंधित पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सम्मान करने की अपील की है। साथ ही, भारतीय नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। इस मार्ग पर किसी भी तरह का सैन्य तनाव या जहाजों पर हमला न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों को भी प्रभावित कर सकता है।
भारत ने दोहराया है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही बनी रहनी चाहिए और समुद्री मार्गों को संघर्ष का क्षेत्र नहीं बनाया जाना चाहिए। सरकार ने क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा के लिए हालात पर लगातार नजर बनाए रखने की भी बात कही है।