सरकार और LIC बेचेंगे IDBI बैंक में 60.7% हिस्सेदारी, निजीकरण प्रक्रिया ने फिर पकड़ी रफ्तार

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नई दिल्ली, 14  जुलाई 2026 । केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने IDBI बैंक में अपनी संयुक्त 60.7% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। सरकार की 45.48% और LIC की 49.24% हिस्सेदारी में से कुल 60.7% हिस्सेदारी के साथ प्रबंधन नियंत्रण (Management Control) भी नए खरीदार को सौंपने की योजना है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, संशोधित वित्तीय बोलियां (Revised Financial Bids) प्राप्त हो चुकी हैं और सरकार की उच्चस्तरीय समिति इनका मूल्यांकन कर रही है।

डील के रिव्यू के लिए ब्यूरोक्रेट्स की मीटिंग

बैंक में हिस्सेदारी बिक्री की प्रोसेस तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को ब्यूरोक्रेट्स के एक पैनल ने एक मीटिंग की थी, जिसमें इस ट्रांजैक्शन को आगे बढ़ाने के लिए रिव्यू किया गया था। अभी कंपनियों की रिवाइज बोलियों की जांच की जा रही है।

रेस में शामिल हैं दो बड़ी विदेशी कंपनियां

सूत्रों के मुताबिक, कनाडा की Fairfax Financial और दुबई की Emirates NBD ने संशोधित बोलियां जमा की हैं। शुरुआती बोली सरकार की अपेक्षाओं से कम होने के कारण प्रक्रिया कुछ समय के लिए अटक गई थी, लेकिन अब नए प्रस्तावों के साथ विनिवेश प्रक्रिया फिर से गति पकड़ती दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार, Fairfax इस दौड़ में प्रमुख दावेदार मानी जा रही है।

यह रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हिस्सेदारी कम करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने की नीति का अहम हिस्सा है। यदि सौदा पूरा होता है, तो IDBI बैंक का प्रबंधन नए निवेशक के हाथ में चला जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे बैंक की परिचालन क्षमता, पूंजी आधार और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूती मिलेगी।

हालांकि, सौदे पर अंतिम निर्णय बोली मूल्यांकन, नियामकीय मंजूरी और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद ही लिया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो हिस्सेदारी बिक्री का सौदा अगले कुछ समय में अंतिम रूप ले सकता है।

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