नई दिल्ली, 11 जुलाई 2026 । बिहार की चुनावी राजनीति के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनावी प्रचार को लेकर तीखा राजनीतिक बयान दिया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अब मोदी जी आपसे बतियाने नहीं आएंगे…” और दावा किया कि चुनाव के समय जनता को नेताओं से सीधे सवाल पूछने और जवाब मांगने की जरूरत है।
मोदी-शाह तक बात पहुंचाने के उपाय
फिर प्रशांत किशोर सवालिया लहजे में कहते हैं, ‘कौन बनाया? मोदी जी बनाए। आप नहीं बनाए, आप तो नीतीश को बनाए थे। अब मोदी जी बनाए अब ये सम्राट चौधरी को। अब मोदी जी आपसे बतियाने नहीं आएंगे। आपके पास कोई उपाय नहीं है मोदी से, अमित शाह से बात करने का। हम आपको रास्ता बताते हैं। आपके आपका बात मोदी तक तुरंत पहुंच जाएगा। अभी बांकीपुर में चुनाव है। जब जाइए ईवीएम पर भाजपा के खिलाफ बटन दबाइए। ये हॉटलाइन है, यहां से लेकर करंट ऐसा लगेगा मोदी को, अमित शाह को पता चल जाएगा कि जिस आदमी को मुख्यमंत्री बनाए हैं, वो बिहार के लोगों को स्वीकार्य नहीं है। तो सब लोग तैयार हैं भाई?’ फिर भीड़ से आवाज आती है, ‘हां तैयार हैं।’
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में एक ‘हॉटलाइन’ जैसे संवाद के तरीके का उल्लेख करते हुए लोगों से अपील की कि वे चुनावी वादों, विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि निर्वाचित प्रतिनिधियों से लगातार संवाद भी होना चाहिए।
यह बयान बिहार के चुनावी माहौल में राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया है। विभिन्न दल इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं और चुनावी प्रचार के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी अभियान में ऐसे बयान मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करते हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक दावे या आरोप का मूल्यांकन तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।