मेरठ बवाल मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला, आठों आरोपी अलग-अलग जेलों में शिफ्ट
मानवाधिकार आयोग ने 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
मेरठ , 11 जुलाई 2026 । यूपी के मेरठ में हुए बवाल के मामले में प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आठों आरोपियों को अलग-अलग जिलों की जेलों में स्थानांतरित कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से जेल के भीतर किसी भी तरह की आपसी सांठगांठ या सुरक्षा संबंधी चुनौती को कम करने में मदद मिलेगी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और एसएसपी द्वारा प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने के वायरल वीडियो ने मामला राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया है। राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) दोनों ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीजीपी से 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वीके सिंह की ओर से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताते हुए जेल प्रशासन को पत्र भेजा गया था। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सभी आठ आरोपियों को अलग-अलग जनपदों की जेलों में भेज दिया गया। पुलिस लाइन से चार बंदी वाहनों के माध्यम से बंदियों को सुरक्षा के बीच संबंधित जेलों के लिए रवाना किया गया।
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और कानून के दायरे में की जा रही है। वहीं, पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों, साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत पड़ताल कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर है। आयोग द्वारा रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।