पटना, 10 जुलाई 2026 । बिहार सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से कृषि बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि सिंचाई कार्य दिन के समय सुचारु रूप से हो सके और खेती की लागत व परेशानियां कम हों।
प्रहलाद जोशी संग बैठक कर सम्राट चौधरी ने किया ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत रोडमैप पर चर्चा की।
बिहार को सौर ऊर्जा की दिशा में बढ़ना होगा: सीएम
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार अनिश्चितता बनी रहती है। ऐसे में बिहार को सौर ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। बैठक में ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, केंद्रीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी तथा बिहार के ऊर्जा सचिव अजय यादव भी मौजूद रहे।
सरकार का मानना है कि दिन में नियमित बिजली मिलने से किसानों को रात के समय सिंचाई के लिए खेतों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, डीजल पर निर्भरता कम होगी और कृषि कार्य अधिक सुविधाजनक बनेंगे। इस पहल से विशेष रूप से धान, मक्का, सब्जी और अन्य फसलों की सिंचाई करने वाले किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने, कृषि फीडरों में सुधार और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को समय पर बिजली उपलब्ध हो, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़े और खेती अधिक लाभकारी बन सके।