दिल्ली की सियासत में बड़ा समीकरण: AAP के बागी गुट IVP के BJP में विलय की चर्चा

0

नई दिल्ली, 02 जुलाई 2026 । दिल्ली नगर निगम की राजनीति में नए राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के बागी गुट IVP के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संभावित विलय की अटकलें लगाई जा रही हैं। यदि यह राजनीतिक बदलाव होता है, तो नगर निगम में शक्ति संतुलन पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

यह कदम चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन के चुनाव के पहले उठाया गया

यह कदम इस महीने 12 एसमीडी जोन में चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के साथ-साथ छह स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों के चुनाव से पहले उठाया गया है। फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार के तीन महीने के अंदर ही आम आदमी पार्टी को एक और झटका लगा, जब उसके 16 पार्षदों ने अलग होकर आईवीपी बना ली। इस घटनाक्रम से वार्ड कमेटियों और स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में रुकावट आई। मेयर का पद गंवाने के बाद, आम आदमी पार्टी ने स्टैंडिंग कमेटी में भी अपना बहुमत खो दिया।

सूत्रों के अनुसार, IVP से जुड़े 16 पार्षद नगर निकाय के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों और समितियों में अपनी भूमिका को लेकर सक्रिय हैं। संभावित विलय की स्थिति में इन पार्षदों की राजनीतिक स्थिति और निगम की आंतरिक संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

विलय के बाद बीजेपी के पास 139 पार्षद हो जाएंगे

आईवीपी के 16 पार्षदों के अलावा, कांग्रेस के पास नौ पार्षद हैं, फॉरवर्ड ब्लॉक के पास एक है, जबकि एक सीट खाली है। संभावित विलय के बाद, बीजेपी के पास 139 पार्षद हो जाएंगे, जिससे पार्टी को हाउस में स्पष्ट बहुमत मिल जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विलय होता है, तो दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली, निर्णय प्रक्रिया और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें दोनों दलों के अगले कदम और आधिकारिक रुख पर टिकी हुई हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.